लॉकडाउन के बाद पंजाब विश्वविद्यालय में शनिवार को सिंडिकेट की पहली बैठक होने जा रही है। इसमें पीयू को नया डीएसडब्ल्यू मिलने के आसार हैं। इसके अलावा कई अन्य प्रस्ताव भी पास होंगे। फीस बढ़ोतरी से लेकर एकेडमिक कैलेंडर के प्रस्ताव पर मुहर लगेगी। इस बैठक में हंगामे के भी आसार हैं। माना जा रहा है कि डीएसडब्ल्यू के लिए पीयू की ओर से प्रो. देवेंद्र सिंह का नाम दिया गया है, जबकि वीसी की ओर से सुझाए गए इस नाम पर गोयल ग्रुप राजी नहीं है।
पीयू में डीएसडब्ल्यू की पोस्ट महत्वपूर्ण है। इस पद पर तैनात प्रो. इमैनुअल नाहर 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। यह पद खाली नहीं रह सकता, इसलिए सिंडिकेट की बैठक में सप्लीमेंट एजेंडे के रूप में लाया जा रहा है। वीसी की ओर से इस पद के लिए प्रो. देवेंद्र सिंह और महिला डीएसडब्ल्यू के लिए प्रो. सुखबीर कौर का नाम सुझाया गया है।
सूत्रों का कहना है कि गोयल ग्रुप चाहता है कि इस पद के लिए वह चेहरा सामने आए जो पहले वार्डन रह चुका हो, लेकिन पीयू का संविधान कहता है कि कोई भी योग्य प्रोफेसर इस पद पर तैनात किया जा सकता है। वार्डन रहे या न रहे, यह जरूरी नहीं है। पिछले साल प्रो. नाहर को एक्सटेंशन न देने पर मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। उसमें गोयल ग्रुप ने पूरी ताकत झोंक दी और जीत हासिल की।
सूत्रों का यह भी कहना है कि प्रो. देवेंद्र के नाम पर मुहर लग सकती है, क्योंकि प्रो. नवदीप गोयल के पत्र पर ही वीसी ने डीयूआई प्रो. आरके सिंगला को बनाया और डीन रिसर्च प्रो. वीरआर सिन्हा को। प्रो. गोयल के कहने पर महत्वपूर्ण दो पदों पर उनके लोगों को जगह दी गई थी, ऐसे में यह पद वीसी के हिस्से में आ सकता है और प्रो. देवेंद्र के नाम पर मुहर लग सकती है। मालूम हो कि डीएसडब्ल्यू प्रकरण से इस बार सुभाष ग्रुप ने दूरी बना रखी है। वहीं, दूसरी ओर शुक्रवार को गोयल ग्रुप ने अपनी रणनीति बैठकों के जरिये बनाई।