पंजाब विश्वविद्यालय सैफ लैब के विस्तार का प्लान तैयार कर रहा है। प्रथम तल पर मशीनें आदि रखी जाएंगी और स्टाफ की तैनाती होगी। इस व्यवस्था से पीयू की आमदनी इस लैब की दोगुनी हो जाएगी। साथ ही देशभर से आने वाले नमूनों की जांच भी कुछ ही देर में उन्हें मिल जाएगी।
पीयू की सैफ लैब में रासायनिक नमूनों की जांच होती है। देशभर में रिसर्च करने वाले लोग मिश्रण की जांच करवाने के लिए यहां भेजते हैं और वह इस रिपोर्ट के आधार पर रिसर्च का विश्लेषण करते हैं। यह लैब हर साल 25 हजार से अधिक नमूनों की जांच करती है।
पीयू वर्तमान में सालाना दो करोड़ रुपये इस लैब के जरिये कमा रहा है। अब इसकी आमदनी दोगुनी करने के लिए इसके विस्तार करने की योजना बनाई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि इस साल के आखिरी तक पीयू इस पर काम पूरा कर लेगा।
मालूम हो कि पीयू की आर्थिक स्थिति अधिक मजबूत नहीं है। ऐसे में वह बजट का हिसाब अपने संसाधनों से ही करता है। यदि लैब की आमदनी दोगुनी होगी तो पीयू को भी आर्थिक लाभ बड़ा होगा। पीयू के मुताबिक देशभर में 13 सैफ लैब हैं। उसमें पीयू का स्थान सर्वोच्च है। यह लैब भारत सरकार के एक प्रोजेक्ट के तहत संचालित है। यहां अन्य विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी नमूने जांच करने की ट्रेनिंग दी जाती है।