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पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा कराएगी पीयू

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pu
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय से पीएचडी करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। पीयू केवल नेट, स्लेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही पीएचडी नहीं कराएगी बल्कि कैंपस में पीएचडी प्रवेश परीक्षा के जरिए उत्तीर्ण होकर आने वाले विद्यार्थियों को भी लाभ देगी। पहले यह पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने को लेकर संशय था। इससे लगभग पांच हजार से अधिक विद्यार्थियों को मायूसी हाथ लग रही थी क्योंकि यह विद्यार्थी पीएचडी प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लेते हैं।
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पीयू में 70 से अधिक विभागों में लगभग 700 शिक्षक कार्यरत हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर प्रोफेसर तक विद्यार्थियों को पीएचडी करवाते हैं। प्रोफेसर एक बार में आठ विद्यार्थियों को गाइड कर सकता है। वर्तमान में पीयू में 1200 से अधिक विद्यार्थी पीएचडी कर रहे हैं। पीएचडी का चरण किसी का पहले वर्ष का है तो किसी का दूसरे व तीसरे चरण का। पिछले साल पीयू ने पीएचडी की प्रवेश परीक्षा आयोजित की। इसमें पांच हजार से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। लगभग 100 विद्यार्थियों का चयन पीएचडी के लिए किया गया क्योंकि पीयू के पास लगभग इतनी ही सीटें प्रवेश परीक्षा के जरिये आने वाले विद्यार्थियों के लिए खाली थी। कुछ विद्यार्थियों ने नेट के जरिए भी प्रवेश पाया था। पिछले साल के विद्यार्थियों की भी पीयू के पास वेटिंग लिस्ट है जिन्हें इस बार मौका देने की तैयारी की जा रही थी।
इस बारे में प्रो. आरके सिंगला, डीयूआई पीयू ने बताया कि नेट आदि उत्तीर्ण करने वालों को तो पीएचडी करने का मौका मिलेगा ही। साथ ही पीयू प्रवेश परीक्षा भी आयोजित करेगी। इसमें तमाम विद्यार्थियों को मौका मिल सकेगा। कोरोना के कारण परीक्षा आयोजित करने में कुछ देरी हो रही है, लेकिन परीक्षा होगी।
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कैंपस के विद्यार्थियों को मिलेगा सर्वाधिक लाभ
अब पीयू ने साफ कर दिया है कि पीएचडी की प्रवेश परीक्षा होगी। इस प्रवेश परीक्षा में वे विद्यार्थी शामिल होते हैं जो नेट, जेआरएफ, स्लेट आदि की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं किए होते हैं। पीयू की परीक्षा के जरिए वे पीएचडी में प्रवेश ले लेते हैं। हालांकि पीयू की प्रवेश परीक्षा आसान नहीं है लेकिन इसमें अधिकांश पीयू के ही विद्यार्थियों का चयन होता है। पीयू के इस निर्णय से कैंपस के हजारों विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा। परीक्षा पीयू तभी आयोजित करेगी, जब कोरोना का प्रकोप कुछ कम होगा। वहीं कुछ शिक्षकों का सुझाव है कि पीयू को कैंपस के विद्यार्थियों को स्नातक व परास्नातक की मेरिट के आधार पर पीएचडी में दाखिला दे देना चाहिए।
छात्रवृत्ति का होगा सदुपयोग
पीयू अपने उन विद्यार्थियों को पीएचडी करने के लिए छात्रवृत्ति देती है जो विभाग में टॉप पर आते हैं। इनकी संख्या हर साल 70 से 75 के बीच होती है। यदि परीक्षा नहीं होती तो छात्रवृत्ति की रकम विद्यार्थियों के काम नहीं आती, लेकिन अब लाखों रुपये विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा में बेहतर अंक लाने पर मिल सकेंगे।
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