चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में उन कोर्सों को बंद किया जा सकता है जिनमें हर साल चार से पांच ही विद्यार्थी दाखिला ले रहे हैं या संख्या इनसे भी कम है। इसके लिए पीयू हर विभाग से सभी कोर्सेज में हुए दाखिलों के तीन साल का रिकॉर्ड मांग रही है। उसके आधार पर पीयू इन्हें बंद करने पर निर्णय लेगी। पीयू का भी यही कहना है कि केवल कागजों में कोर्स संचालित नहीं किए जा सकते। उनमें दाखिले होना जरूरी है। इसके लिए विभागों को भी पहल करनी होगी।
पीयू में डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स हर विभाग में तीन से चार चल रहे हैं। विज्ञान और प्रबंधन से जुड़े कोर्स में तो विद्यार्थी मिल जाते हैं, लेकिन अन्य विभागों के कोर्सेज सालभर विद्यार्थियों का इंतजार करते हैं। किसी में एक तो किसी में चार या पांच ही दाखिले हो पाते हैं। कम विद्यार्थियों की कक्षाएं भी लगाना महंगा पड़ता है। सूत्रों का कहना है कि पीयू ऐसे विभागों के कोर्सेज के बारे में विचार कर रही है। विभाग की ओर से दाखिलों का आंकड़ा जाएगा तो उसके बाद इस पर अंतिम निर्णय होगा। यदि कोर्स बंद हुए तो उनकी जगह ऑनलाइन कोर्सेज चलाने की अनुमति मिल सकती है।