चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी ने हॉस्टलों में रह रहे छात्रों से किराया लेने का निर्णय लिया है। सभी वार्डन से कहा है कि छात्रों से तीन माह का किराया लिया जाए। अब तक पीयू इन छात्रों से किराया नहीं ले रहा था। यह बात छात्रों को पता चली तो अब उनमें हड़कंप मच गया है। वह यही सोच रहे थे कि पीयू ने किराया माफ कर दिया।
लॉकडाउन के कारण पीयू के अधिकांश स्टूडेंट्स अपने घरों को चले गए, लेकिन लगभग 150 स्टूडेंट्स हॉस्टलों में रहे। कई कारणों से वह नहीं जा पाए। अब लॉकडाउन खुल गया है। यातायात के साधन भी चल गए हैं। बावजूद इसके छात्र घर नहीं जाना चाहते। पीयू प्रशासन ने इसको लेकर छात्रों से भी कहा, लेकिन वह नहीं माने। सूत्रों का कहना है कि पीयू प्रशासन ने अब इन छात्रों से तीन माह का हॉस्टल किराया लेने का निर्णय लिया है। इसके अलावा मेस आदि का बकाया भी वसूला जाएगा। कुछ हॉस्टल के वार्डनों ने छात्रों से किराया मांगा तो उन्होंने पहले इसका विरोध दर्ज कराया और बाद में चुप हो गए। वार्डनों ने साफ कहा है कि पीयू को किराया तो देना होगा। सूत्रों का कहना है कि पीयू का खजाना खाली है। वेतन के लिए पैसे की जरूरत होगी। ऐसे में छात्रों से किराया लिया जा रहा है।