पंजाब यूनिवर्सिटी को आर्थिक संकट से उबारने के लिए पीयू अथॉरिटी ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी को लेकर पीयू के वीसी अरुण कुमार ग्रोवर अब खुद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री प्रकाश जावेड़कर से मिलना चाहते हैं। वीसी खुद दोनों से मिलकर जहां पीयू के लिए मदद की गुहार लगाएंगे, वहीं उन्हें पीयू की आर्थिक दिक्कतों से भी रूबरू कराएंगे।
पंजाब की निगाहें केंद्र के बजट पर
हालांकि अभी तक पंजाब यूनिवर्सिटी को न तो केंद्र सरकार से अतिरिक्त ग्रांट मिली है और न ही पंजाब सरकार से। लेकिन पीयू अथॉरिटी ने आस कहीं से भी नहीं छोड़ी है। दूसरी ओर, पीयू को बजट देने के मामले में पंजाब सरकार की निगाहें अभी केंद्र सरकार द्वारा पीयू को जारी मदद के बजट पर टिकी है। पंजाब के वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल आश्वासन दे चुके हैं कि पीयू को पंजाब मदद करेगा। लेकिन केंद्र सरकार द्वारा अपने हिस्से के जारी बजट के बाद। उनका कहना है कि केंद्र जितनी मदद पीयू को करेगा, उसके बाद जो कमी रह जाएगी, उसे पंजाब पूरा कर देगा।
पीयू को यूजीसी के फंड का बेसब्री से इंतजार
उधर, सुप्रीम कोर्ट केआदेश पर यूजीसी ने पीयू को अतिरिक्त ग्रांट देने का आदेश तो जारी कर दिया है, लेकिन पीयू को इस वक्त इस ग्रांट का बेसब्री से इंतजार है। क्योंकि शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला है और पीयू को पहले की तरह सुचारु चलाने के लिए फंड की बेहद जरूरत है। वीसी चाहते हैं कि यूजीसी जल्द से जल्द सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए जल्द फंड जारी करे।