पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के यूआईईटी के 30 विद्यार्थियों ने बैटरी से चलने वाली एक रेसिंग कार बनाई है। 2.50 लाख की लागत इस कार को बनाने में एक माह का समय लगा है। यह कार 2 से 5 मार्च तक भोपाल में होने जा रही नेशनल इलेक्ट्रिक कार्टिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेगी।
यह कार यूआईईटी के मैकेनिकल, आईटी, इलेक्ट्रिक, बायोटेक विंग के विद्यार्थियों ने डॉ. अमरिंदर पाल सिंह के नेतृत्व में तैयार की है। एक बार चार्ज होने के बाद यह कार 3 घंटे दौड़ सकेगी। इसकी गति 60 किमी प्रति घंटा रहेगी। इस कार को ‘ई कार्ट’ नाम दिया है।
सभी विद्यार्थी अब चैंपियनशिप में भाग लेने की तैयारी में जुटे हैं। पिछले साल यूआईईटी के स्टूडेंट आयुष व उनकी टीम ने पेट्रोल से चलने वाली रेसिंग कार बनाई थी। उसकी लागत लगभग 1.50 लाख आई थी। उसको बनाने में भी एक से डेढ़ माह का समय लगा था। इस कार की गति 55 किमी प्रति घंटा थी।
इस कार ने पुणे में हिस्सा लिया था जहां इसे 12वां स्थान मिला था।