चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट से फाइनल ईयर की परीक्षाएं कराने के लिए यूजीसी को हरी झंडी मिलने के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी तैयारी में जुट गया है। सोमवार को यूजीसी की गाइड लाइन मिलने की उम्मीद है। उसके बाद पूरी योजना धरातल पर होगी। यह भी साफ कर दिया गया है कि प्रदेश सरकार कोरोना के कारण एक-दो परीक्षाओं की तिथि में बदलाव कर सकती है, लेकिन उसके लिए पूरा कारण देना होगा और यूजीसी की अनुमति मिलने के बाद उस परीक्षा कार्यक्रम को फाइनल किया जाएगा। यानी परीक्षा को लेकर जो भी निर्णय लेगी वह यूजीसी ही लेगी। विश्वविद्यालयों के हाथ में भी कुछ नहीं है। यदि विश्वविद्यालय अपने स्तर से या सरकार के दबाव में आकर कोई निर्णय लेते हैं तो ऐसी स्थिति में कार्रवाई भी होगी।
पीयू लागू करेगा ए प्लान
यूजीसी ने जून में ही कह दिया था कि फाइनल ईयर की परीक्षा कराई जाएंगी, क्योंकि यह छात्रों के भविष्य के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन कई प्रदेशों में परीक्षाओं का विरोध हुआ और आखिरकार मामला हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। वहां सुनवाई लगभग दो माह तक चलीं। यूजीसी आदि का पक्ष सुना गया और सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को यूजीसी के निर्देशों को सही मानते हुए परीक्षा कराने को कह दिया। जैसे ही वहां से हरी झंडी मिली तो पीयू ने भी अपने परीक्षा प्लान को आगे बढ़ा दिया। अब पीयू का प्लान ए लागू होगा, क्योंकि पीयू ने कई प्लान तैयार किए थे। यदि परीक्षा होंगी तो प्लान ए लागू होगा और नहीं हुई तो प्रमोट करने का प्लान बी लागू होगा।
दूसरे प्रदेशों के छात्रों को भी परीक्षा देने के लिए करनी पड़ सकती लंबी दूरी तय
यूजीसी ने परीक्षा कराने के लिए कह दिया है। पीयू में फाइनल ईयर में लगभग तीन हजार स्टूडेंट शिक्षा पा रहे हैं। इसके अलावा 196 कॉलेजों में 40 हजार से अधिक स्टूडेंट फाइनल ईयर की परीक्षा देंगे। इनमें से 20 फीसदी से अधिक स्टूडेंट दूसरे राज्यों के हैं। इन विद्यार्थियों की परीक्षा उनके राज्यों में करवाई जाएगी या नहीं, यह संशय है। यदि परीक्षाएं उनके राज्यों में नहीं हुई तो उन्हें इसके लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है। हालांकि यूजीसी ने यह भी साफ किया है कि छात्रों को कम से कम असुविधा हो, ऐसा प्लान तैयार किया जाए।
पीयू यूजीसी की गाइड लाइन का इंतजार कर रही है। सोमवार को उम्मीद है कि गाइड लाइन मिलेंगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- रेनुका बी सलवान, डीपीआर, पीयू