चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी और इससे संबद्ध 196 कॉलेजों के विद्यार्थी लगातार ऑफलाइन कक्षाओं की मांग कर रहे हैं। अब पीयू के विभिन्न विभागों के छात्रों ने फैसला किया है कि वे ऑनलाइन कक्षाएं नहीं लगाएंगे। यूनिवर्सिटी और कॉलेज विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए खोले जाएं। विद्यार्थियों के विरोध को देखते हुए पीयू डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर ने प्रेस संदेश जारी किया है। उनका कहना है कि शहर में कोरोना केसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसको ध्यान में रखते हुए पीयू चंडीगढ़ प्रशासन और एमएचए के दिशानिर्देशों का पालन कर रहा है। यूनिवर्सिटी प्रशासन विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर लगातार बैठकें कर रहा है, मौजूदा हालातों को देखते हुए उन पर विचार किया जाएगा। जब तक अगले निर्देश जारी नहीं होते तब तक ऑनलाइन कक्षाएं ही जारी रहेगी।
अमर उजाला के साथ बातचीत में विद्यार्थियों ने बताया कि पिछले एक साल की ऑनलाइन कक्षाओं में शिक्षा ना के बराबर मिली है। महज कोर्स पूरा करने की औपचारिकता ही है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान आखिरी वर्ष और एमए व पीएचडी केविद्यार्थियों को है। उनकी डिग्री पूरी होने वाली है, विभाग में नहीं आने पर उनका व्यक्तिगत विकास नहीं हो पाया। पुस्तकालय की सुविधा न मिलने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई नोट्स तक ही सीमित रह गई।
क्या कहते हैं विद्यार्थी
मूट कोर्ट ऑफलाइन माध्यम में ही संभव
कानून के विद्यार्थियों के लिए कोर्स पूरा करने के साथ उनका व्यक्तिगत विकास, बोलने का ढंग, बहस, आत्मविश्वास आदि बहुत जरूरी होता है। ऑनलाइन कक्षाओं में सिर्फ कोर्स ही पूरा करवाया गया है। इसमें भी खानापूर्ति हुई है, क्योंकि हमारी मूट कोर्ट होती है जो ऑफलाइन माध्यम में ही संभव है। विद्यार्थियों का एक साल खराब हो चुका है। सबसे ज्यादा नुकसान अंतिम वर्ष के छात्रों का हुआ है, कोर्स के बाद अब नौकरी ढूंढनी है। - बैनजीर, कानून छात्रा, पीयू
इंजीनियरिंग के प्रयोग ऑनलाइन नहीं हो सकते
इंजीनियरिंग के कोर्स में किताब वाला भाग तो ऑनलाइन पढ़ा सकत हैं, लेकिन कोर्स में किताबी कम और प्रायोगिक भाग ज्यादा होता है। पिछले एक साल में हमारी प्रायोगिक पढ़ाई नहीं हुई है। बस यूनिवर्सिटी की तरफ से कोर्स पूरा करवाया जा रहा है। बिना प्रयोग के सीखने को कुछ नहीं मिल रहा है। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को नौकरी लेने के दौरान भुगतना पड़ेगा। - निखिल, एमटेक छात्र, पीयू
60 विद्यार्थियों में 15 ही लगा रहे ऑनलाइन कक्षा
मेरी एमए की कक्षा में 60 विद्यार्थी हैं। इनमें से लगभग 15 विद्यार्थी ही ऑनलाइन कक्षा लगा रहे हैं, क्योंकि इन कक्षाओं में सीखने को कुछ नहीं मिल रहा है। शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों की तरफ से खानापूर्ति हो रही है। इसका कारण यह है कि आनलाइन में ऑफलाइन की तरह वार्तालाप नहीं हो पाता है। परीक्षा के समय सभी विद्यार्थी नकल कर अच्छे अंक ले रहे हैं। पिछले एक साल में विद्यार्थियों का शैक्षिक विकास नहीं हो पाया है। - लक्षित, एमए छात्र, डीएवी-10
शोधार्थी बिना किताब कैसे करें शोध
शोधार्थियों के लिए कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोली जानी चाहिए, क्योंकि कला संकाय के शोधार्थियों का शोध कार्य सारा पुस्तकालय पर ही टिका होता है। हमें एक पेज लिखने के लिए ही बहुत सारी किताबें और पेपर पढ़ने पड़ते हैं। ऐसे में हम सब कुछ खरीद नहीं सकते हैं। लाइब्रेरी बंद होने के कारण हमारा एक साल पहले ही खराब हो चुका है। उसमें ना के बराबर शोध कार्य आगे बढ़ पाया है। - संदीप, पीएचडी शोधार्थी, पीयू
ऑनलाइन में रोजाना इंटरनेट की दिक्कत
ऑनलाइन कक्षा में रोजाना विद्यार्थियों को इंटरनेट की दिक्कत रहती है। सभी विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षा ढंग से लगा ही नहीं पाते हैं। इसके साथ ही कला के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन लाइब्रेरी उपलब्ध नहीं है। ऑनलाइन नोट्स के भरोसे ही कोर्स पूरा हो रहा है। एमए साहित्य के विद्यार्थियों को बहुत सारी किताबें पढ़नी पड़ती है, तभी आगे हमारा शोध कार्य अच्छा हो पाएगा। - अमन मलिक, एमए छात्र, गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज -26