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Chandigarh News: दोस्तों के साथ कसौली से लौट रही पीयू की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) से शनिवार रात दोस्तों के साथ कसौली घूमने गई छात्रा की रविवार दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृत छात्रा की पहचान सिमरन (30) निवासी करनाल के रूप में हुई है। वह कंप्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर्स की पढ़ाई कर रही थी।
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हिमाचल प्रदेश के कसौली से लौटते समय रविवार दोपहर गाड़ी में उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे जीएमएसएच-16 अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि छात्रा की मौत दौरा आने से हुई लेकिन मौत का असल कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा।
छात्रा सिमरन पीयू के हॉस्टल नंबर-3 में रह रही थी। शनिवार रात करीब 11 बजे वह दोस्तों के साथ हॉस्टल के रजिस्टर में एंट्री कर हिमाचल प्रदेश के कसौली घूमने निकली थी। सिमरन के साथ उसके ही विभाग का एक पासआउट छात्र और दो अन्य दोस्त थे। बताया जा रहा है कि डिग्री समाप्त होने पर उसने दोस्तों के साथ घूमने का प्लान बनाया था। उसकी चचेरी बहन भी साथ थी।
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रविवार को जब सभी कसौली से चंडीगढ़ के आईटी पार्क क्षेत्र में पहुंचे तो सिमरन गाड़ी में बेसुध हो गई। इससे सभी दोस्त घबरा गए और उसे तुरंत जीएमएसएच-16 लेकर पहुंचे, जहां इमरजेंसी में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे दोस्तों के पैरों के नीचे से जमीन सरक गई। प्रारंभिक जांच में डॉक्टर मौत का कारण स्पष्ट नहीं कर पाए। इसके बाद शव को अस्पताल के शवगृह में रखवाकर आईटी पार्क थाना पुलिस को सूचना दी गई।
उधर, बेटी की मौत की सूचना पाकर सिमरन के परिजन चंडीगढ़ पहुंचे और पहले अस्पताल पहुंचकर शव को देखा, फिर आईटी पार्क थाने पहुंचे। परिजनों के सामने ही सिमरन के कसौली घूमने गए दोस्तों से पूछताछ हुई। दोस्तों का कहना है कि वापस आते समय अचानक सिमरन की तबीयत बिगड़ी थी। इसके बाद खुद पुलिस ने भी अस्पताल में पहुंचकर शव की जांच की ताकि यह पत चल सके कि सिमरन के शरीर पर किसी चोट या अन्य कोई निशान तो नहीं है। परिजन पीयू के हॉस्टल में भी गए जहां सिमरन रहती थी। परिजनों ने पीयू प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि रात में उनकी बेटी को हॉस्टल से बाहर ही क्यों जाने दिया गया लेकिन परिजनों को बताया गया कि पीयू में हॉस्टल के आने-जाने का निश्चित समय नहीं है और वह 24 घंटे खुला रहता है।
पीयू एक अधिकारी ने कहा कि छात्रा पढ़ाई में अच्छी थी और हॉस्टल में शुरू से ही उसका व्यवहार सही था। उनका कहना है कि छात्रा को स्वास्थ्य समस्या थी हालांकि हॉस्टल को इस बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी। सिमरन कुछ ही दिनों में हॉस्टल खाली करने वाली थी।
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