पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव का उफान चरम पर है। शुक्रवार को कई छात्र संगठनों ने शक्ति प्रदर्शन किया और उसके बाद अपने अपने विभागों में नामांकन कराए। अध्यक्ष पद के लिए 28, उपाध्यक्ष के लिए 26, सचिव के लिए 32 व उप सचिव के लिए 28 विद्यार्थियों ने नामांकन कराए। ऑब्जेक्शन भी कुछ स्टूडेंट्स की ओर से दर्ज कराए गए। एनएसयूआई अध्यक्ष पद के उम्मीदवार निखिल की उम्र अधिक होने को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी, लेकिन उसे ग्रेवांस सेल ने जांच के बाद पास कर दिया। इसके बाद प्रोविजनल लिस्ट लगा दी गई।
अब 31 अगस्त को नाम वापसी होगी और फाइनल उम्मीदवारों की सूची लगा दी जाएगी। इस बार स्टूडेंट्स की संख्या नॉमिनेशन कराने में अधिक रही है। बताया जाता है कि छात्र संगठनों की संख्या 14 है। यदि सभी ने अपने अपने प्रत्याशी अध्यक्ष पद के लिए उतारे हैं उसके बाद भी संख्या 14 अधिक है। निर्दलीय उम्मीदवार हर साल एक या दो स्टूडेंट रहते हैं। जानकारों का कहना है कि डमी उम्मीदवार संगठनों की ओर से उतारे गए हैं। 31 अगस्त को इनकी नाम वापसी हो जाएगी।
एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार पारस रतन ने लॉ डिपार्टमेंट, एसएफएस प्रत्याशी प्रिया ने कैमिस्ट्री डिपार्टमेंट और एनएसयूआई के छात्र निखिल ने यूआईईटी में नामांकन कराया। वहीं सोई उम्मीदवार चेतन ने उर्दू विभाग में नामांकन कराया। इस बार यूआईईटी, यूआईएलएस, लॉ व यूआईएमएस डिपार्टमेंट से विद्यार्थियों ने सर्वाधिक नामांकन कराए हैं। नामांकन के दौरान विद्यार्थियों ने अपने संगठनों का प्रचार भी किया और नारेबाजी भी की।