चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट चुनाव के लिए प्रशासन ने छह राज्यों को पत्र भेजा था। इसमें से पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड ने चुनाव करवाने के लिए अनुमति दे दी है। दो बार पत्र भेजने के बावजूद हरियाणा ने अभी तक चुनाव के लिए पीयू को अनुमति नहीं दी है। अब पीयू ने फिर से हाईकोर्ट के आदेश की कापी सलंग्न कर स्मरण पत्र भेजा है। हालांकि हाईकोर्ट का आदेश होने के कारण हरियाणा को अनुमति देनी चाहिए। 26 अप्रैल से सीनेट चुनाव शुरू होने वाले हैं, ऐसे में एक राज्य की अनुमति नहीं होना भी चुनाव में रुकावट पैदा कर सकती है।
पीयू प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार चुनाव के लिए हरियाणा में 29 मतदान बूथ केंद्र बनाए जाने हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश में 10, दिल्ली में 5, राजस्थान के गंगानगर जिले में एक, उत्तराखंड के काशीपुर में एक और पंजाब में 200 से अधिक मतदान बूथ बनाए जाने हैं। पीयू को सभी जगह से चुनाव की अनुमति नहीं मिलने के कारण परिसर में चुनाव स्थगित होने के अफवाहें फैलने लगी है। इसके अलावा बढ़ते कोरोना के केस भी भ्रम पैदा कर रहे हैं। सभी 6 राज्यों में बूथ स्नातक वर्ग के चुनाव के लिए बनाए जा रहे हैं। इनके चुनाव 16 मई को करवाने जाने हैं। बिना स्नातक वर्ग चुनाव के सीनेट का कोरम पूरा नहीं हो सकेगा। पीयू के सीनेट चुनाव में स्नातक वर्ग से 15 सदस्य चुनकर आते हैं। पीयू से स्नातक करने वाले लोग इसमें वोट देते हैं। इस बार स्नातक वर्ग के लिए 43 सदस्य मैदान में हैं। 3.61 लाख मतदाता हैं। इस वर्ग के चुनाव में देशभर के पीयू के पूर्व विद्यार्थी या वर्तमान विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं। इस बार 6 राज्यों में 280 बूथ बनेंगे। सैकड़ों कर्मचारियों की ड्यूटी अकेले स्नातक वर्ग के चुनाव कराने में ही लगेगी।