चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी स्वच्छता रैंकिंग में बाजी मारने की अभी से योजना तैयार कर रही है। इसमें एक बड़ा कदम कूड़ा निस्तारण करने के लिए बढ़ाया गया है और इसके लिए वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाया जाएगा। प्लांट का संचालन कैसे होगा और कितने बजट और जगह की जरूरत होगी, इसके लिए पीयू की टीम जल्द ही दूसरे राज्यों में संचालित वेस्ट मैनेजमेंट प्लांटों का दौरा करेगी। वीसी प्रो. राजकुमार के निर्देश पर हॉर्टिकल्चर विभाग की टीम और कमेटी इस काम में जुटी हुई है।
पंजाब यूनिवर्सिटी दो साल से स्वच्छता रैंकिंग में पिछड़ रही है। एक तो कूड़े का पूरी तरह निस्तारण नहीं हो पा रहा है और साथ ही वेस्ट भी जगह-जगह देखा जा रहा है। स्टूडेंट सेंटर, कैंटीनों के आसपास सफाई का आलम ज्यादा अच्छा नहीं है। घरों और विभागों से हर दिन कई टन कूड़ा निकलता है। यह कूड़ा ट्रॉलियों से भरकर डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड में जाता है। हॉर्टिकल्चर कमेटी ने प्लान तैयार किया है कि कूड़े के निस्तारण के लिए वह खुद ही वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाएं। इस पर कई सदस्यों की सहमति बन गई है और इसके लिए प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। प्लांट संचालन किस प्रदेश में कैसे हो रहा है यह टीम देखेगी। प्लांट कहां स्थापित होगा, यह अभी तय नहीं है, लेकिन इसके लिए पीयू वह जगह तलाशेगा जहां आसपास आबादी न हो। इसके अलावा बायोगैस प्लांट लगेगा और यह प्रोजेक्ट पास हो गया है, बस धरातल पर उतारा जाना बाकी है।
पार्कों का सुंदरीकरण कर सफाई में मदद करेंगे एनएसएस स्वयंसेवक
पार्कों के सुंदरीकरण के निर्देश देकर इसके लिएकमेटी बनाई गई है। पार्कों में कौन से पेड़ लगेंगे और कौन से हटेंगे, क्या सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी, यह सब कमेटी तय करेगी। पीयू में छोटे-बड़े 22 पार्क हैं। इन पार्कों की सफाई के लिए पीयू के पास पूरे बंदोबस्त नहीं हैं। इसके लिए एनएसएस स्वयंसेवकों की मदद लेकर उन्हें पार्क भी आवंटित किए जा रहे हैं।
विभागों में सफाई के लिए अलग योजना
पीयू के विभागों में सफाई की समुचित व्यवस्थाएं नहीं हैं और यहां एक सफाई कर्मी पर कई ब्लॉक की जिम्मेदारी है। यह देखकर अब विभागों को जिम्मेदारी दी जा रही है। एक विभाग को दूसरे विभाग या खुद के विभाग की सफाई का जिम्मा दिया जाएगा या फिर एक अन्य योजना बन रही है, जिसे सार्वजनिक नहीं किया गया है।
सूखे पेड़ काटकर उनकी जगह लगेंगे नए
पीयू में हरियाली बरकरार रखने को सूखे पेड़ काटे जाएंगे और उनकी जगह दूसरे पौधे लगाए जाएंगे। लेकिन पेड़ सूखने के कारण भी देखे जाएंगे। दीमक आदि की रोकथाम करके दूसरे पौधे उसी जगह लगाए जाएंगे। कुछ पेड़ों के चारों और कंक्रीट हटाने का काम पूरा नहीं हो पाया है। उसे मार्च तक पूरा किया जाएगा।
वेस्टबिन दिलाने को लिखा संजय टंडन को पत्र
पीयू में कूड़ा डालने के लिए बड़े वेस्टबिन की जरूरत है, ताकि ज्यादा कूड़ा डाला जा सके। सबसे अधिक कूड़ा स्टूडेंट सेंटर के आसपास जमीन पर देखा जा रहा है। वेस्टबिन की सुविधा किसी योजना के तहत मिल जाए, इसके लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन को पत्र लिखा गया है।
स्वच्छ हॉस्टलों को मिलेगा पुरस्कार
पीयू के हॉस्टलों में सफाई ठीक है, लेकिन कई हॉस्टल इसमें पीछे हैं। इसलिए पीयू एक स्वच्छता प्रतियोगिता शुरू करने जा रहा है। जिस हॉस्टल में सबसे बेहतर सफाई होगी उस हॉस्टल को हर महीने सम्मानित किया जाएगा। जहां गंदगी मिलेगी, उस पर कार्रवाई के भी नियम होंगे। पीयू में 20 हॉस्टल हैं। इसमें आधे छात्राओं के और आधे छात्रों के हैं।
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नोट :: सभी के फोटो-
पीयू की स्वच्छता के लिए बेहतर कदम उठाए जा रहे हैं। एक कमेटी बनाई गई है, जो कैंपस की स्वच्छता पर समुचित योजना तैयार कर रही है। जल्द ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
- प्रो. राजकुमार, वीसी
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पीयू में कूड़ा हर दिन काफी निकलता है, इसके निस्तारण के लिए वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने की योजना है। इसके लिए दूसरे राज्यों में संचालित प्लांट का टीम दौरा करेगी। स्वच्छता के लिए अन्य योजना भी बनी हैं, जो जल्द सामने आएंगी।
- प्रो. हर्ष नैयर, हॉर्टिकल्चर कमेटी के चेयरमैन
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पीयू की हरियाली के लिए हजारों पेड़ लगाए गए हैं। स्वच्छता के लिए भी योजनाएं बनाई जा रही हैं। इन योजनाओं के जरिये कैंपस को हम और बेहतर कर पाएंगे।
- अनिल ठाकुर, डिविजनल इंजीनियर, हॉर्टिकल्चर विभाग