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प्रदर्शन : छात्रावास खाली करवाने के खिलाफ भड़के शोधार्थी

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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में सोमवार को शोधार्थियों ने जबरदस्ती छात्रावास खाली करवाने के खिलाफ वीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं पीयू प्रशासन द्वारा लड़कियों की जीएच-4 में चल रही मेस को भी बंद करने पर विरोध जताया। एसएफएस की ओर से आयोजित प्रदर्शन में सभी छात्र संगठनों ने समर्थन दिया।
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इस दौरान शोधार्थियों ने कहा कि फीसें लेने के बाद छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था कायम करना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है। पीयू उल्टा शोधार्थियों के गाइड से उनके घरों में शिकायतें भिजवा रही है। पहले ही शोधार्थियों को शोध में एक वर्ष की देरी हो गई है। वहीं अब पीयू शोध विस्तार के लिए भी अतिरिक्त शुल्क वसूल रही है।
पंजाब विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू दफ्तर ने रविवार को सभी वार्डन को बुधवार तक छात्रावास खाली करवाने के निर्देश दिए हैं। डीएसडब्ल्यू ने पत्र में लिखा है कि पंजाब विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों ने शनिवार को यूटी प्रशासन की ओर से 7 मई को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जारी किए निर्देशों की अनुपालना को लेकर बैठक की। इस दौरान पंजाब विश्वविद्यालय की ऑफलाइन सुविधाएं पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, स्वीमिंग पूल और खेल मैदान इत्यादि 31 मई तक बंद करने के निर्देश जारी किए गए। इसके मद्देनजर विद्यार्थियों को भी घर जाने के लिए बोला गया। प्रदर्शनरत शोधार्थियों ने बताया कि महामारी के समय विश्वविद्यालय के अधिकारियों का विद्यार्थियों के प्रति ऐसा व्यवहार अत्यंत निंदनीय है। विद्यार्थियों को छात्रावास छोड़ने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जबकि अभी दूसरे राज्यों में कर्फ्यू और लॉकडाउन लगा हुआ है। कई दूर-दराज के विद्यार्थियों को घर पहुंचने में ही दो-तीन दिन लगते हैं, ऐसे में उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। वहीं शोधार्थियों का एक वर्ष से शोध कार्य भी लंबित पड़ा है। दो घंटे के विरोध के बाद भी छात्रों की शिकायतों को दूर करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से एक भी व्यक्ति नहीं आया। छात्रों ने सर्वसम्मति से किसी भी कीमत पर छात्रावास नहीं छोड़ने का फैसला किया है।
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शोधार्थियों के साथ खड़ी है एबीवीपी
पंजाब विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्देशानुसार 12 मई तक शोधार्थियों को छात्रावास खाली करने होंगे। इसके विरोध में सोमवार को हुए शोधकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन का विद्यार्थी परिषद भी समर्थन करती है। एबीवीपी इकाई अध्यक्ष पारस रतन ने कहा कि प्रशासन विद्यार्थियों को छात्रावास खाली करने के लिए दबाव डालकर मानसिक रूप से परेशान कर रहा है। महामारी की दूसरी लहर के कारण बाहर परिस्थितियां ठीक नहीं हैं। रिशिका राज ने कहा कि छात्रावास को छोड़ने के लिए छात्र तैयार नहीं हैं, क्योंकि विश्वविद्यालय से जाना उनके स्वास्थ्य को अधिक जोखिम में डाल सकता है। वहीं परिसर में रहकर वे अपने शोध कार्य पर भी ध्यान दे सकते हैं।
वीकेंड पर करीब 25 विद्यार्थियों ने छोड़ा छात्रावास
पंजाब विश्वविद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार छात्रावास छोड़ने के निर्देशों के बाद वीकेंड पर लगभग 25 पास के क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थी अपने घर चले गए हैं। वार्डन डॉ. भारत ने बताया कि सोमवार को जीएच-4 मेस का एक रसोइया भी कोरोना संक्रमित हो गया है। लगभग सभी विद्यार्थियों से उनके घर इत्यादि की जानकारी ले ली है। विद्यार्थियों को रास्ते मे लॉकडाउन में परेशानी नहीं हो, इसके लिए विश्वविद्यालय उन्हें ट्रेवल पास बना कर दे रहा है।
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