पंजाब विश्वविद्यालय अब एक बार फिर से दौड़ने को तैयार है। 33 फीसदी कर्मचारी हर दिन काम करने के लिए तैयार हो चुके हैं। वहीं, शिक्षक भी रिसर्च से लेकर अपने जरूरी कार्य विभागों में जाकर निपटा सकेंगे। यह प्रक्रिया 15 मई के बाद शुरू हो जाएगी। कार्यालय खुलेंगे, लेकिन वहां पूरी तरह सैनिटाइज किया जाना जरूरी होगा। इसके साथ ही मास्क लगाकर काम करना होगा। इसके अलावा फिजिकल दूरी भी बनाकर रखनी होगी।
पीयू 20 मार्च से बंद चल रहा है। 24 मार्च को लॉकडाउन शुरू हुआ तो फिर स्टूडेंट्स अपने घर चले गए। कुछ दिन कर्मचारियों ने शिफ़्ट बनाकर कार्य किया। वहीं, शिक्षक भी अपने जरूरी कार्य निपटाते नजर आए थे। कुछ शिक्षक अपने घरों पर ही कार्य करते दिखे। 31 मार्च के बाद कर्फ्यू लग गया। ऐसे में हर विभाग पर ताला लग गया। किसी को बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। लगभग 50 दिन से पीयू बंद है। कोई कार्य नहीं हो पाया।
शिक्षकों ने अपने घरों से ऑनलाइन पढ़ाना शुरू किया। वहीं, कुछ कर्मचारियों ने जरूरी कार्य अपने घरों से ही निपटाए। घर बैठे-बैठे बोरियत होने लगी। इसके अलावा पीयू के तमाम कार्य पेंडिंग हो गए। स्टूडेंट्स की परीक्षाओं से लेकर रिजल्ट तक के कार्य प्रभावित हो गए थे। अब यूटी प्रशासन ने कहा है कि सरकारी कार्यालयों में काम शुरू करने की योजना है। ऐसे में सभी विभाग अपनी-अपनी योजना बनाकर नियमों के मुताबिक कार्य करें।
सूत्रों का कहना है कि पीयू के पास भी ऐसा ही आदेश पहुंचा है। उसी के अनुरूप पीयू अब विभागों को खोलने की योजना बना रहा है। प्रथम चरण में 33 फीसदी कर्मचारियों को बुलाया जाएगा। यानी किसी विभाग में दस लोग हैं तो एक व्यक्ति एक सप्ताह में दो दिन काम करेंगे या फिर घंटों के मुताबिक ड्यूटी बांटी जाएगी। शिफ्ट में काम करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। इसी तरह शिक्षक भी अपने विभागों में जाकर कार्य कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि उनके लिए भी कार्य के घंटे तय हो सकते हैं।
इस खबर से पीयू के शिक्षकों ने राहत की सांस ली है। क्योंकि तमाम शिक्षक घरों पर रहकर ऑनलाइन शिक्षण नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में विभागों में संसाधन होंगे और कार्य शुरू किए जा सकेंगे। विद्यार्थियों का पीयू में आना पूरी तरह बैन रहेगा। क्योंकि उनके लिए अवकाश चल रहे हैं। बाकी कार्य पीयू के हर विभाग में होते रहेंगे। छात्रों की समस्याओं के लिए भी अधिकारियों की तैनाती होगी।