पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा बढ़ाने को केंद्र सरकार की ओर से यह कहते हुए खारिज करने कि यह सेंट्रल यूनिवर्सिटी नहीं है, के जवाब को चुनौती के मामले में सुनवाई स्थगित हो गई है।
प्रोफेसरों का कहना है कि पीयू केंद्रीय फंड से चल रही है, जो फंड राज्य सरकार से आता है, वह आटे में नमक के बराबर है, जब केंद्रीय फंड से प्रबंधन चल रहा है तो पीयू को सेंट्रल फंडेड यूनिवर्सिटी नहीं मानना गलत है।
इस दलील के साथ केंद्र सरकार की दलील को खारिज करने की मांग की गई थी। इस पर केंद्र से जवाब मांगा गया था, बुधवार को पुराना जवाब दोहराने पर हालांकि हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार भी लगाई और याचिका में संशोधन के अनुसार ही जवाब दाखिल करने को कहा है। सुनवाई दो मार्च तक स्थगित कर दी है।