पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों का खर्च आसमान पहुंचने के बाद अब पीयू योजना बनाने में जुट गया है कि खर्चा कैसे कम किया जा सकता है। उसके लिए पीयू ने पहली योजना तैयार की है। शनिवार को इस योजना पर मंथन किया गया। बताया गया कि लगभग 50 स्टूडेंट्स अपने घर जाने को तैयार हैं। बाकी 80 विद्यार्थियों को दो हॉस्टलों में शिफ्ट कर दिया जाएगा। एक हॉस्टल में छात्राएं तो दूसरे में छात्र रहेंगे, क्योंकि बचे विद्यार्थियों की संख्या अधिक नहीं है।
पीयू के एक हॉस्टल का खर्च 75 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक प्रतिमाह आ रहा है। इस घाटे को पीयू नहीं सह पाएगा, क्योंकि पीयू की माली हालत पहले ही नाजुक है। ऐसे में पैसे की जरूरत है। मालूम हो कि अमर उजाला ने पीयू के हॉस्टल खर्च को सार्वजनिक किया तो अब पीयू ने इस पर मंथन शुरू कर दिया।
सूत्रों का कहना है कि शनिवार को मंथन हुआ कि हॉस्टलों का खर्च कैसे कम किया जा सकता है। इसमें यही बात निकलकर आई है कि छात्रों को हॉस्टलों में मर्ज किया जाए। 20 हॉस्टल 80 छात्रों के लिए संचालित नहीं किए जा सकते। ऐसा करने से मेस आदि का संचालन भी ठीक हो जाएगा और पीयू पर अतिरिक्त भार भी नहीं पड़ेगा।