फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीयू : पानी की टंकियों में बंदर-पक्षी के कंकाल मिले, धरने पर बैठे छात्र

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पीयू में आर्ट्स ब्लॉक एक की दो टंकियों में बंदर और पक्षी का कंकाल मिला। हफ्तों से इवनिंग समेत विभिन्न विभागों के 400 से अधिक विद्यार्थी इन्हीं टंकियों का पानी पी रहे थे। इससे रोष में आए विद्यार्थी शनिवार को विभागाध्यक्ष के दफ्तर के सामने धरने पर बैठ गए। धरना रात दस बजे तक चला। अधिकारियों के आश्वासन पर छात्रों ने अपना धरना खत्म किया।शुक्रवार को टंकियों में बंदर और पक्षी के कंकाल के मिलने की घटना तब सामने आई जब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट आर्गेनाईजेशन (यूएसओ) के छात्रों ने आर्ट्स ब्लॉक-1 की छत पर टंकियों का नीरीक्षण किया। यूएसओ से गौरव ने बताया काफी दिनों से दोस्तों को फूड पॉइजनिंग समेत अन्य बीमारियां हो रही थीं। ऐसे में वह छत पर पानी की टंकी देखने चले गए। चार टंकियों में से दो पर ढक्कन ही नहीं लगे थे। एक टंकी में बंदर का कंकाल मिला और दूसरे में पक्षी का। बाकी की दो टंकियों में मिट्टी भरी हुई नजर आई। समय पर टंकी साफ न करने पर विद्यार्थियों ने विभागाध्यक्ष के दफ्तर के बाहर धरना दिया। शनिवार शाम साढ़े चार बजे से धरना शुरू हुआ और रात 10 बजे तक जारी रहा। डीएसडब्ल्यू प्रो. अमित चौहान और डीएसडब्ल्यू वुमन प्रो. सिमरत काहलों ने विद्यार्थियों से आकर बात की। विभागाध्यक्ष प्रो. नीरज जैन ने भी टंकी साफ करवाने की बात कही। हालांकि धरने पर बैठे विद्यार्थियों ने बताया की पीयू प्रशासन की ओर से सिर्फ एक बार सफाई कराने की बात कही गई और आगे से कब और कितने समय में सफाई करेंगे, उसके बारे में कुछ नहीं कहा गया।
विज्ञापन

विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि पीयू स्टूडेंट कॉउंसिल और इवनिंग स्टडीज विभाग में अलग से कॉउंसिल होने के बावजूद इतने अहम मुद्दों पर काम नहीं हो रहा। विद्यार्थियों ने अन्य विभागों और हॉस्टलों की पानी की टंकियों के निरीक्षण की भी मांग की। कहा कि एक बंदर पानी के अंदर मर गया और उसी में उसका शव गल गया। विद्यार्थी दूषित पानी पीते रहे क्योंकि टंकियों पर ढक्कन नहीं नहीं थे। आरोप लगाया कि फेस्ट, डीजे नाइट आदि के लिए पैसे हैं लेकिन पीने का साफ पानी मुहैया करवाने के लिए फंड की कमी बताई जा रही है। विद्यार्थियों नारेबाजी भी की। डीएसडब्ल्यू प्रो. अमित चौहान ने बताया टंकी में कंकाल बंदर का लग रहा है लेकिन असल में वह क्या है इसका पता सफाई करने पर ही चल पाएगा। उन्होंने कहा समय पर टंकियों की सफाई करवाई जाती है। जहां तक ढक्कन न होने और कंकाल के मिलने की बात है तो विभागाध्यक्ष को समय पर निरीक्षण करना चाहिए। यूएसओ के विद्यार्थियों ने पीयू प्रशासन को दो डिन का अल्टीमेटम दिया है। तब तक सफाई नहीं हुई तो विद्यार्थी हॉस्टल, कार्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगे।


कोट -
आर्ट्स ब्लॉक की टंकी की सफाई के लिए निर्देश दे दिए हैं। हाल ही में हॉस्टल की टंकी की सफाई को लेकर नोटिस जारी किया था। विभाग में भी समय पर टंकियों की सफाई हो इसलिए डीयूआई मैम से कह कर सभी विभागाध्यक्षों को सर्कुलर जारी करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

- प्रो. अमित चौहान, डीएसडब्ल्यू
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें