पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. जसपाल सिंह ने कहा कि यूनिवर्सिटी का बाबा फरीद सेंटर फॉर सूफी स्टडीज जल्द ही एनसाइक्लोपीडिया ऑफ सूफीइज्म तैयार करेगा। इसकी पूरी योजना बना ली गई है। वह मंगलवार को सेंटर की ओर से सूफीमत और सिखमत के आपसी संबंध विषय पर दो दिवसीय चौथी अंतरराष्ट्रीय सूफी कांफ्रेंस में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि सूफी संतों का पंजाब से बहुत गहरा संबंध रहा है। दोनों मतों के बीच फलसफे के स्तर पर कोई विरोध मौजूद नहीं है, लेकिन सार्थक संवाद जरूर है। जाने-माने कवि एवं विद्वान डॉ. सुरजीत पातर ने कहा कि सूफी सदा लोक पक्षीय गुटों व लोक सभ्याचार के हिमायती रहे हैं।
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के डॉ. नरेश ने कहा कि रूहानियत के स्तर पर सिखमत व सूफीमत में कोई भिन्नता नहीं है। इस मौके पर एम अशरफ हैदरी डिप्टी चीफ ऑफ मिशन अफगानिस्तान इन इंडिया भी मौजूद रहे। इससे पहले सेंटर के डायरेक्टर डॉ. नाशिर नकवी ने कांफ्रेंस के विषय के बारे में जानकारी दी। इस दौरान सेंटर की ओर से प्रकाशित विभागीय मैगजीन गंजशकर और अन्य पुस्तकें रिलीज करने की रस्म भी अदा की गई। रजिस्ट्रार देविंदर सिंह ने मेहमानों का धन्यवाद किया।