चंडीगढ़। सीनेट चुनाव की तारीख तय करने व कार्यकाल को बढ़ाने के लिए 18 अक्तूबर से शुरू हुआ पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा का शनिवार को 23वां दिन रहा। इसमें पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री व पूर्व सीनेटर जगमोहन सिंह कंग कुलपति कार्यालय के सामने चल रहे धरने में पहुंचे। इस दौरान विद्यार्थियों ने जगमोहन सिंह कंग के सामने अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने बताया कि ये विद्यार्थी अपनी शिक्षा छोड़कर सीनेट चुनाव के लिए बैठे हैं लेकिन अभी तक चुनाप के लिए प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया है। जगमोहन सिंह ने पंजाब सरकार के साथ केंद्र सरकार पर भी तंज कसते हुए कहा कि पीयू मेरे लिए गुरुद्वारा के समान है, इसके बचाव के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। पीयू में आठ साल बिताए व कई सारे लोगों को हराकर इस मुकाम पर पहुंचे हैं। सीनेट पीयू का अहम हिस्सा है, जिस प्रकार उपराष्ट्रपति के लिए विधानसभा है। उसी प्रकार यहां सीनेट है। उन्होंने कहा कि अगर वह उपराष्ट्रपति सीनेट रखना नहीं चाहते है तो सीधे खत्म कर दें। विधानसभा को भी खत्म कर दें। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही एक प्रेस रिलीज जारी करेंगे, जिसमें वह उपराष्ट्रपति से चुनाव को लेकर स्पष्टीकरण मांगेगे। पंजाब में किसानों को समर्थन करने वाले बीकेयू क्रांतिकारी की महासचिव सुखविंद्र कौर व अन्य सदस्य भी पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा में पहुंचे। उन्होंने कहा वह सीनेट बचाव के लिए धरने में बैठे छात्र व सीनेटरों का पूरा समर्थन करेंगे। पीयू को चंडीगढ़-पंजाब के गांव को उजाड़कर ही बनाया गया है। इसके लिए सभी अपना सहयोग देंगे, पीयू का केंद्रीयकरण नहीं होने देंगे।