चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय शासन सुधार को लेकर बनाई गई उच्च स्तरीय कमेटी 250 से अधिक सुझावों पर अध्ययन कर चुकी है। समिति की ओर से तीन सदस्य इन सुझावों को निचोड़ निकालकर कमेटी के सामने रखेंगे। यह निर्णय फिर चांसलर को भेजे जाएंगे। वहां से सुझावों पर जैसे कुछ अमल होगा तो उसके बाद पीयू में कुछ बदलाव हो सकता है। हालांकि फिलहाल बदलाव की संभावनाएं अभी कम नजर आ रही हैं।
उच्च स्तरीय कमेटी चांसलर कार्यालय की ओर से बनाई गई थी, जो शासन सुधार पर निर्णय लेगी। इस कमेटी की दो बैठकें हो चुकी हैं। तीसरी बैठक 14 अप्रैल को होनी थी, लेकिन अवकाश का दिन होने के कारण नहीं हो सकी। सूत्रों का कहना है कि अब 19 अप्रैल को इस पर निर्णय होना है। कमेटी ने सभी सुझावों को बारीकी से अध्ययन कर लिया है।
जानकारों के अनुसार समिति का मानना है कि सीनेट में सदस्यों की संख्या कम होनी चाहिए। साथ ही डीन से लेकर अन्य पदों पर शिक्षकों की नियुक्तियां होनी चाहिएं। वहीं जो विषय का जानकार नहीं है, उसे एकेडमिक पदों पर बैठाने की बात समिति नहीं कर रही है। सूत्रों का कहना है कि कमेटी ने अपना कार्य पूरा कर लिया है। बस बैठक में अंतिम राय ली जाएगी। सभी कमेटी सदस्यों की ओर से आने वाले सुझावों की रिपोर्ट तैयार करके चांसलर को भेजी जाएगी।