चंडीगढ़। पीयू के गांधीयन एंड पीस स्टडीज विभाग व एलुमनी एसोसिएशन की ओर से ऑनलाइन गांधी जयंती मनाई गई। इस दौरान प्रार्थना सभाओं का आयोजन हुआ। रंगारंग कार्यक्रम भी ऑनलाइन हुआ।
इस मौके पर विशेषज्ञों ने कहा कि महात्मा गांधी के जीवन से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। उनके द्वारा बताए गए मार्गों पर चलना चाहिए। वह अहिंसा के पुजारी थे, लेकिन वर्तमान समय में हिंसा कुछ बढ़ी है। उसके कई कारण हैं, लेकिन सबसे अधिक यह है कि लोगों में भरोसा कम हुआ है। मानवाधिकारों के हनन के चलते भी इसको बल मिला है।
हिंसा भड़काने के लिए डर का प्रयोग भी किया जाता है। विशेषज्ञों ने कहा कि सभी को एकता के सूत्र में पिरोना है। इसके लिए सभी को मेहनत करनी होगी। विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष शर्मा व डॉ. अरुण बंसल ने पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। देशभर से जुड़े लोगों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियां दीं। वीसी प्रो. राजकुमार ने महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री के जीवन पर प्रकाश डाला। कोविड की ओर से मिल रही चुनौतियों का सामना करने के लिए कहा। प्रो. नवल किशोर ने जनजातीय शिक्षा पर बेहतर कार्य किया है। उन्होंने भी अपने अनुभव साझा किए। प्रो. सुरेश मिश्रा ने महामारी की दुनिया में सतत जीवन शैली पर प्रकाश डाला। कहा कि यह बीमारी अमीरों की ओर से फैलाई गई, लेकिन सबसे अधिक प्रभावित गरीब हुए।
बाल स्लोगन प्रतियोगिता में कई छात्र रहे अव्वल
बाल स्लोगन प्रतियोगिता में अर्चित, गौरव व सचवीर क्रमश: प्रथम द्वितीय व तृतीय रहे। सिमरन कौर, अमीषा, जयनाम भी क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय रहे। पहला पुरस्कार एक हजार रुपये का, दूसरा 750 रुपये का और तीसरा पुरस्कार 500 रुपये का दिया गया। डॉ. मनीष शर्मा ने सभी का आभार जताया।