उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू
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पंजाब विश्वविद्यालय की ओर से जुलाई में परीक्षा कराने को लेकर छात्रों में हड़कंप है। कुछ छात्र चाहते हैं कि परीक्षा हो। वहीं, कुछ की राय है कि विद्यार्थियों को बिना एग्जाम के ही प्रमोट किया जाए। यह प्रकरण चांसलर एवं उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू तक पहुंच गया है।
एनएसयूआई चंडीगढ़ के स्टेट जनरल सेक्रेटरी सर्वोत्तम राणा ने चांसलर को ई-मेल भेजा है। इसमें कहा है कि पीयू की ओर से पढ़ाई पूरी करवाई नहीं गई। ऑनलाइन कक्षाओं तक हर विद्यार्थी नहीं पहुंच पाया। सिलेबस पूरा हुए बिना ही पीयू जुलाई में परीक्षा करवाने जा रहा है।
विद्यार्थी इसके लिए अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं। ऐसे में उन्हें बिना एग्जाम के अगली कक्षाओं में प्रमोट कर दिया जाए। वहीं, एबीवीपी ने कहा है कि परीक्षाएं होनी चाहिए, चाहे उसका स्वरूप कैसा भी हो, लेकिन छात्रों की सुविधाएं ठीक हों। उन्हें दिक्कतों को सामना न करना पड़े।
पीयू प्रशासन ऐसा रास्ता निकाले कि छात्रों की समस्या हल हो जाए। उन्होंने यह मांग की है कि पीयू प्रशासन परीक्षाएं जरूरी कराए। इसी परीक्षा के जरिये विद्यार्थियों का भविष्य बन सकता है।