चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी को सबसे पहले आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों (ईडब्ल्यूएस) को छात्रवृत्ति जारी की जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई। बताया जा रहा है कि उच्च अधिकारियों के पास फाइलें गई हैं, लेकिन उन पर हस्ताक्षर नहीं हो पाए, वहीं दूसरी ओर करीब 700 विद्यार्थी परेशान हैं।
पीयू की ओर से इस बार लगभग पांच करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति छात्रों के लिए तय की गई थी। मेरिट कम मिंस नामक छात्रवृत्ति कुछ विद्यार्थियों को जारी की गई, लेकिन गरीब विद्यार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। उन्होंने कई बार पीयू के अधिकारियों से मिलने की कोशिश की। हाल ही में एनएसयूआई ने यह प्रकरण उठाया था, लेकिन उस पर भी बात नहीं बनी। अब छात्रों ने एनएसयूआई के अध्यक्ष निखिल नरमेटा को पत्र लिखा है। उनका कहना है कि नवंबर में सत्र शुभारंभ पर छात्रों से फीस के पैसे लिए थे जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए था। अब यह रकम छात्रों को वापस होनी चाहिए। छात्रवृत्ति का लाभ जनवरी तक हर हाल में मिल जाना चाहिए था, लेकिन विद्यार्थियों को परेशान किया गया। उच्च अधिकारियों के पास छात्रवृत्ति से जुड़ी फाइलें हैं, जिन पर अभी तक हस्ताक्षर नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि जल्द ही छात्र संगठन इस पर उग्र प्रदर्शन करेगा।