चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय अब रिसर्च स्कॉलर्स को अपने विभागों तक पहुंचने की अनुमति दे सकता है। इसकी योजना बनाई जा रही है। किस तरह रिसर्च स्कॉलर्स को बुलाया जाए और कैसे काम किया जाए। इसका पूरा प्लान तैयार किया जा रहा है। इस माह पीयू इस पर पूरा काम कर लेगा क्योंकि रिसर्च को पीयू प्रभावित नहीं होने देना चाहता। इस पर पीयू की रैंकिंग आदि भी टिकी है। पब्लिकेशंस की संख्या भी लगातार घट रही है।
लॉकडाउन के कारण 24 मार्च से पीयू में रिसर्च स्कॉलर्स का रिसर्च कार्य बंद चल रहा है। वह सर्वे के लिए भी नहीं निकल पाए। पांच माह से अधिक समय बीत गया। शिक्षकों पर भी दबाव बढ़ रहा है क्योंकि नए शैक्षिक सत्र में और रिसर्च स्कॉलर आएंगे। पहले वाले रिसर्च स्कॉलर्स का कार्य पूरा नहीं हुआ, ऐसे में दूसरे का काम बढ़ेगा। इसी को लेकर शिक्षक चिंतित हैं। उनकी इस समस्या को अमर उजाला ने भी प्रकाशित किया था। साथ ही शिक्षकों ने भी पीयू के उच्चाधिकारियों को बताया। सूत्रों का कहना है कि पीयू प्रशासन ने इस पर मंथन शुरू कर दिया है। जुलाई में ही पूरा प्लान तैयार करके इनका रोस्टर बना दिया जाएगा। विभागवार स्कॉलर्स को बुलाने की योजना है। यानी पूरे रिसर्च स्कॉलर एक साथ पीयू नहीं आएंगे या विभागों में पूरे नहीं पहुंचेंगे ताकि फिजिकल डिस्टेंसिंग बनी रहे।