चंडीगढ़। पीयू अपने रिसर्च स्कॉलर्स को 25 अगस्त के बाद कैंपस आने की अनुमति दे सकता है। इसके लिए शिक्षक लगातार पीयू प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने फिर पीयू प्रशासन को अपने-अपने सुझाव भेजे हैं। कहा है कि एक साथ सभी स्कॉलर्स को न बुलाकर रोस्टर के अनुसार बुलाया जा सकता है।
पीयू में 700 से अधिक रिसर्च स्कॉलर हैं। इनमें किसी का रिसर्च प्रारंभिक चरण में है तो किसी का अंतिम चरण में। लॉकडाउन के कारण सभी रिसर्च का कार्य प्रभावित हो गया। यह किसी भी क्षेत्र का भ्रमण नहीं कर पाए और न ही इन्हें गाइड मिल सके। फोन पर जरूर शिक्षकों से इनकी बात हो रही है लेकिन उनके द्वारा लिखे गए थीसिस की जांच शिक्षक नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण लगातार शिक्षकों पर काम का दबाव बढ़ रहा है। रिसर्च का काम समय पर पूरा न होने के कारण रिसर्च स्कॉलर्स पासआउट भी नहीं हो पाएंगे और डिग्री भी नहीं मिलेगी।
रिसर्च स्कॉलर्स को बुलाने के लिए लागू हो सकता है रोस्टर
ऐसे में शिक्षकों ने पीयू प्रशासन से फिर आग्रह करके कहा है कि जब विद्यार्थी हॉस्टलों में रुके हुए हैं तो रोस्टर के अनुसार रिसर्च स्कॉलर्स को भी पीयू बुलाया जाए। इसके लिए रास्ते निकाले जा सकते हैं। हर विभाग अपने-अपने रिसर्च स्कॉलर्स को सप्ताह में दो बार बुला सकते हैं। इससे समस्या का कुछ हद तक हल निकलेगा। अब पीयू प्रशासन आगामी कार्ययोजना तैयार कर रहा है।