चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी और इससे संबद्ध कॉलेजों के लिए खुशखबरी है। पीयू में शनिवार को वीसी प्रो. राजकुमार की अध्यक्षता में हुई कॉलेज डेवलेपमेंट काउंसिल की बैठक में छात्रवृत्ति के लिए 60 लाख रुपए की स्वीकृति की गई है। इस मौके पर कॉलेज डेवलेपमेंट काउंसिल के डीन प्रो. संजय कौशिक भी उपस्थित रहे। मीटिंग के दौरान प्रो. राज कुमार ने यह सुझाव भी दिए िकि देश और देश से बाहर रिसर्च पेपर प्रस्तुत करने के लिए दी जाने वाली वित्तीय सब्सिडी को बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कॉलेजों में अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में मेहनत कर नेक रैंकिंग में सुधार करने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल की ओर से पंजाब यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त कॉलेजों के छात्रों के लिए 60 लाख का राशि स्वीकृत की है।
छात्रवृत्ति के लिए बनाई गईं सात श्रेणियां
1. मीन्स कम मेरिट
2. शारीरिक रूप से अक्षम
3. स्पोर्ट्स
4. सिंगल गर्ल चाइल्ड
5. एड्स व कैंसर रोगी
6. युवा कल्याण
7. ट्रांसजेंडर
जानकारी के मुताबिक पहली बार युवा कल्याण और ट्रांसजेंडर दो नई श्रेणियों को जोड़ा गया है। लेकिन ट्रांसजेंडर की श्रेणी में कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। अन्य विभिन्न श्रेणियों में कुल 1869 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से कुल 1330 छात्रवृत्ति को मंजूरी दे दी गई है।
फैसले भी लिए मीटिंग में...
मीटिंग में सेमिनार, सम्मेलन और संगोष्ठी आयोजित करने के लिए पीयू से संबंधित 50 कॉलेजों के लिए प्रति कॉलेज 30 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई। इसके तहत कुल 15 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं पीयू से मान्यता प्राप्त कॉलेजों के शिक्षकों का रिसर्च पेपर अगर भारत में पेश किया जाता है तो उनके लिए 15 हजार रुपये और भारत से बाहर पेश करने पर 50 हजार रूपये की राशि मंजूर की गई है। इसके साथ ही वीसी ने सुझाव दिया कि भविष्य में रिसर्च पेपर पेश करने की इस राशि को 15 हजार रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक और 50 हजार रुपये से 70 हजार रूपये अनुदान बढ़ाया जाए।