पंजाब विश्वविद्यालय यह तय नहीं कर पा रहा है कि वह परीक्षाओं का कार्यक्रम कब तक करे। विद्यार्थियों को 15 दिन में एग्जाम कराने की जानकारी हुई तो वह हर दिन पीयू के अधिकारियों को फोन कर रहे हैं। उनका कहना है कि पीयू प्रशासन लॉकडाउन खुलते ही एग्जाम न करवाए। पहले दो सप्ताह तक क्लास वर्क होना चाहिए। इस पर पीयू प्रशासन के अधिकारी अब सोचने पर मजबूर हो गए हैं। पीयू प्रशासन ने हाल ही में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये चांसलर वेंकैया नायडू को बताया है कि पीयू प्रशासन 15 दिन में परीक्षाएं संपन्न कर लेगा। यह बात सार्वजनिक हुई तो छात्र नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई। इसके अलावा पीयू के अधिकारियों के पास हर दिन दर्जनों फोन आ रहे हैं। बुधवार को भी अधिकारियों के पास कई फोन पहुंचे। उन्होंने कहा है कि अभी ऑनलाइन पढ़ाई ठीक नहीं हो पा रही है। गांवों में नेटवर्क की दिक्कते हैं। कोर्स पूरा होगा नहीं और ऑनलाइन में पढ़ाई समझ नहीं आएगी। ऐसे में लॉकडाउन खुलने के बाद पहले क्लास वर्क करवाया जाए। जब विद्यार्थी संतुष्ट हो जाएं तब परीक्षा का कार्यक्रम तय किया जाए। विद्यार्थियों से अधिकारी कह रहे हैं कि उनका कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए पीयू प्रशासन समुचित योजना बनाने में जुटा हुआ है।