पंजाब सरकार द्वारा उठाए कदमों की इस जानकारी पर संतोष जताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जनहित याचिका का निपटारा कर दिया। न्यायालय एक समाचार लेख के आधार पर घातक चीनी डोर के उपयोग पर अंकुश लगाने के लिए दायर दूसरी जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था।
पंजाब में अब चीनी डोर से होने वाले हादसों के जिम्मेदार लोगों पर 10 हजार से 15 लाख रुपये तक का कठोर जुर्माना लगाया जाएगा। चीनी डोर से जुड़ी सूचना देने वाले खबरियों के लिए 25 हजार रुपये के इनाम का प्रावधान किया गया है।
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पंजाब सरकार द्वारा उठाए कदमों की इस जानकारी पर संतोष जताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जनहित याचिका का निपटारा कर दिया। न्यायालय एक समाचार लेख के आधार पर घातक चीनी डोर के उपयोग पर अंकुश लगाने के लिए दायर दूसरी जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इसमें बताया गया था कि चीनी डोर के कारण छह वर्षीय बच्चे की जान चली गई थी।
पहली याचिका का निपटारा अधिकारियों को याचिकाकर्ता की शिकायत पर गौर करने और एक स्पष्ट आदेश पारित करने के निर्देश के साथ किया गया।
जनवरी में जनहित याचिका का निपटारा होने के बाद फिर से याचिका दाखिल करते हुए निरंकुश चीनी डोर के इस्तेमाल पर कार्रवाई की मांग की थी। पंजाब सरकार ने अदालत को बताया कि आदेश के अनुसरण में एक नोटिस भी जारी किया था।
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नोटिस के अनुसार चीनी डोर से किसी भी तरह की चोट लगने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा है, जो 15,00,000 रुपये तक बढ़ाया जा सकता है। सूचना देने वाले को 25,000 रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की गई है। कोर्ट ने इस पर संतोष जताया है।
न्यायालय ने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वे बार-बार न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के बजाय अधिकारियों से संपर्क करें और चीनी डोर से मौत की कथित घटना की सूचना दें। पीठ ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता अभी भी अधिकारियों की निष्क्रियता से व्यथित है, तो वह हमेशा संबंधित क्षेत्राधिकार मजिस्ट्रेट से संपर्क कर सकता है।