जितनी महत्वपूर्ण हमारे लिए दिवाली है, उतनी ही महत्वपूर्ण ड्यूटी भी है। यदि हम दिवाली मनाएंगे तो जो लोग दुख में हैं उनकी सहायता कौन करेगा। हमें खुद से ज्यादा दूसरों के बारे में सोचना चाहिए। दिवाली के दिन जब मरीजों को हम बधाई देते हैं तो उनके चेहरे पर भी खुशी छा जाती है। वह हमें ही अपना परिवार समझने लगते हैं। -अर्पण मंजनीक, पीजीआई नर्सिंग ऑफिसर
लोगों की सेवा कर मनाती हूं दिवाली
मेरे दो छोटे बच्चे हैं, वे दिवाली पर मुझे मिस करते हैं, लेकिन एक पुलिसकर्मी के लिए उसकी ड्यूटी परिवार से पहले होती है। लोगों की सेवा करना हमारा पहला धर्म है। दिवाली खुशियां बांटने का त्यौहार है, कोई घटना ना हो इसलिए ड्यूटी को अहमियत देती हूं। हर बार लोगों की सेवा कर ही मैं दिवाली मनाती हूं। - सरिता रॉय, सेक्टर- 43 चौकी इंचार्ज।
दिवाली के दिन ड्यूटी करने पर होता है गर्व
मेरी ड्यूटी सेक्टर- 38 में होती है। दीपावली की रात मेरी ड्यूटी 39/40 में गश्त के लिए लगी है। हर साल दीपावली के दिन कहीं न कहीं आग लग जाती है। हर साल मेरी ड्यूटी लगती है। यदि एक तरफ परिवार की याद आती है तो दूसरी तरफ ड्यूटी देने पर गर्व भी महसूस होता है। हमारे काम से लोगों की सुरक्षा जुड़ी हुई है। यह मेरे लिए खुशी की बात है। दलबीर सिंह, फायरमैन