चंडीगढ़। स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग के निर्देश पर जीएमसीएच-32 के एमडी और एमएस में प्रवेश के मानकों में किए गए बदलाव पर विरोध शुरू हो गया है। जीएमसीएच 32 से एमबीबीएस किए छात्रों और उनके अभिभावकों ने शनिवार को कॉलेज में बैठक की। वहीं, प्रवेश के मानकों में किए बदलाव को लागू न करने के लिए प्रशासक, उनके सलाहकार और कॉलेज की डायरेक्टर प्रिंसिपल को व्यक्तिगत रूप से मेल कर उनसे आग्रह किया है। छात्रों और उनके अभिभावकों का कहना है कि चंद लोगों के फायदे को ध्यान में रखकर किए गए बदलाव से चंडीगढ़ के युवाओं का भविष्य अंधकारमय होगा। एक अभिभावक ने बताया कि जिस बदलाव को स्वास्थ्य विभाग की 11 सदस्यीय विशेषज्ञों की कमेटी लागू न करने की सलाह दे चुकी है, उसे भी दरकिनार कर दिया गया है। अपने विशेषज्ञों की राय को भी दरकिनार कर मानकों में मनमाने तरीके से बदलाव किया गया। उस कमेटी ने पुरानी पॉलिसी को सही ठहराते हुए उसमें कोई बदलाव न करने को कहा था। बता दें कि नए बदलाव में जीएमसीएच-32 को आईपी पूल (आईपीएंडयूटी) और यूटी पूल के तहत योग्य आवेदकों की एनईईटी-पीजी रैंक के आधार पर एक सामान्य मेरिट सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इससे जीएमसीएच-32 से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को इंस्टीट्यूशनल और यूटी पूल की बजाय इन दोनों में से सिर्फ एक के माध्यम से प्रवेश लेने का अवसर मिलेगा।
एमडी और एमएस का विवरणिका जारी
जीएमसीएच-32 कॉलेज प्रशासन ने शनिवार को एमडी और एमएस कोर्स में दाखिले के लिए विवरणिका जारी की है। इच्छुक अभ्यर्थी 10 अगस्त की शाम चार बजे तक इन कोर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 14 अगस्त को योग्य अभ्यर्थियों की कॉलेज की अधिकारिक वेबसाइट पर सूची जारी की जाएगी। एमडी और एमएस कोर्स की पहली काउंसलिंग 16 अगस्त को, दूसरी 4 सितंबर और तीसरी 25 सितंबर को होगी। इसके बावजूद भी अगर इन कोर्स में कोई सीट खाली रह जाती है तो उसके लिए 26 सितंबर से दो अक्तूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। एमडी और एमएस कोर्स के लिए अभ्यर्थी को gmch.gov.in वेबसाइट पर जाकर आनलाइन आवेदन करना होगा। जनरल और ईडब्ल्यूएस कोटा के अभ्यर्थी के लिए आवेदन शुल्क दो हजार रुपये और एससी और थर्ड जेंडर के लिए एक हजार रुपये फीस तय की गई है।