सिविल अस्पताल में धरने पर बैठे परिजन
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वहां उन्होंने कैदियों का हाल जानने के बाद डॉक्टर से बात की। जेल मंत्री ने कैदियों से भी बात की और उनकी बात सुनने के बाद नीचे आ ही रहे थे कि घायल कैदियों के परिजनों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और उनकी गाड़ी का घेराव किया। पुलिस ने मुश्किल से जेल मंत्री की गाड़ी को सिविल अस्पताल से निकलवाया और राहत की सांस ली।
विधायक बैंस और समर्थकों की पुलिस से बहस
मृतक कैदी अजीत सिंह और घायल कैदियों के परिजनों से मुलाकात करने के लिए लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख और विधायक सिमरजीत सिंह बैंस सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात की।
उन्होंने सिविल अस्पताल पहुंचे जेल मंत्री से भी मुलाकात कर बात की और परिवार के लिए इंसाफ की मांग की। विधायक बैंस पुलिस मुलाजिमों के साथ ही उलझ पड़े जब पुलिस मुलाजिमों ने उन्हें व उनके समर्थकों को सिविल अस्पताल में आने से रोका।
नहीं हो सका कैदी अजीत के शव का पोस्टमार्टम
सिविल अस्पताल की मार्चरी में रखे अजीत सिंह के शव का शुक्रवार को पोस्टमार्टम होना था। मजिस्ट्रेट ने परिवार वालों के बयान दर्जकर करने के बाद पोस्टमार्टम की तैयारी कर ली थी। जब दस्तखत करने की बारी आई तो परिवार वाले पोस्टमार्टम न कराने पर अड़ गए।
उन्होंने कहा कि पहले गोली चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उसके बाद ही अजीत के शव का पोस्टमार्टम होगा। परिवार वालों ने अपने बयान लेकर फाड़ दिए और अड़े रहे कि वह तब तक पोस्टमार्टम नहीं कराएंगे जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा।