शहर में पेड पार्किंग फिर से शुरू होने से पहले ही दुकानदार इसके विरोध में उतर आए हैं। मंगलवार को दुकानदारों द्वारा गठित की गई संघर्ष कमेटी ने डीसी टीपीएस सिद्धू से मुलाकात की और पेड पार्किंग न करने संबधी मांग पत्र भी सौंपा।
दुकानदारों की दलील है कि शहर में पेड पार्किंग नहीं होनी चाहिए। क्योंकि मार्केट में लोकल ग्राहक की संख्या ज्यादा है और बाहरी ग्राहकों की कम। वहीं व्यापारियों पर भी कई तरह के टैक्स लगे हुए है।
अगर पेड पार्किंग होती है तो व्यापार पूरी तरह से चौपट हो जाएगा। दुकानदारों ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर पेड पार्किंग हुई तो दुकानदार सड़कों पर उतरने से गुरेज नहीं करेगें।
मंगलवार को शहर में दुकानदारों द्वारा बनाई गई पेड पार्किंग को लेकर संघर्ष कमेटी के कनवीनर जतिंदर पाल सिंह जेपी की अगुवाई में दल ने डीसी टीपीएस सिद्धू से मुलाकात की और उन्हें इस संबंधी मांग पत्र भी सौंपा।
जेपी सिंह ने बताया कि उन्होंने डीसी को कहा है कि वह शहर की मार्केटों की पार्किंग में लाइनें लगाकर मार्केट एसोसिएशनों को सोंप दे और इसके बाद वह खुद पार्किंग संभालने के लिए तैयार है। पर पेड पार्किंग को फिर से शुरू न किया जाए और इसे सदा के लिए बंद किया जाए।
पार्किंग का ठेका पहले ही हो चुका अलॉट
शहर की प्रमुख पांच पार्किंग को निगम ने पेड करने का फैसला जनवरी माह में लिया था। पार्किंग का ठेका भी अलॉट हो चुका है।
चंडीगढ़ ओर पटियाला की दो कंपनियों ने पार्किंग का ठेका जीता है। फेज-5, 3बी2, फेज-7, नौ और दस में पेड पार्किंग करने की योजना है। अगर मीटिंग में सहमति नहीं बनती है तो निगम द्वारा ठेका कैंसिल कर दिया जाएगा। पॉयलट प्रोजेक्ट के तहत निगम पेड पार्किंग को ले रहा है। अगर प्रोजेक्ट कामयाब रहा तो बाद में इसे अन्य मार्केटों पर भी लागू किया जाएगा।