पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान की शुरूआत करते हुए सुखबीर बादल के नेतृत्व में अकाली बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं। अकाली दल अंतरराष्ट्रीय सीमा से नशा तस्करी के खिलाफ सीमावर्ती इलाकों में तीन जगह धरना देगा। उधर, कांग्रेस इसके विरोध में सभी जिलों में सरकार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर धरने देगी।
शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल नशे के खिलाफ जागरूकता पैदा करने के लिए सीमा पर अटारी, हुसैनीवाला और सदकी में पार्टी के धरनों को संबोधित करेंगे। पहला धरना अटारी में होगा। सुखबीर बादल फिर हुसैनीवाला व सदकी जाएंगे।
अटारी में धरने के दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया, रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा, निर्मल सिंह काहलों, सुच्चा सिंह लंगाह धरने का नेतृत्व करेंगे, जबकि हुसैनीवाला में सुखदेव सिंह ढींढसा, जत्थेदार तोता सिंह, जनमेजा सिंह सेखों धरने पर बैठेंगे। सदकी में बलविंदर सिंह भूंदड़, सिकंदर सिंह मलूका धरने की अगुवाई करेंगे। धरने दोपहर 12 से 2 बजे के दौरान लगेंगे।
यहां जारी एक बयान में सुखबीर ने कहा कि शिअद ने सिर्फ पाकिस्तान के साथ लगती सीमा पर चौकसी बढ़ाने की मांग की है क्योंकि सीमापार से पंजाब में लगातार नशीले पदार्थों की तस्करी हो रही है। सेंसर और सीसीटीवी कैमरे लगाकर अंतरराष्ट्रीय सीमा को पूरी तरह सील किया जाए।
बाजवा जालंधर में देंगे धरना
कांग्रेस ने फतेहगढ़ साहिब का धरना संत अजीत सिंह हंसाली वाले के निधन के कारण मुल्तवी कर दिया है, जबकि मुक्तसर का धरना इसलिए रद्द कर दिया है क्योंकि गिद्दड़बाहा के विधायक अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग सोमवार को दिल्ली में आल इंडिया यूथ कांग्रेस कमेटी के प्रधान का पदभार संभालेंगे
प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप बाजवा जालंधर में धरने की अगुवाई करेंगे। कांग्रेस के धरनों में भी गुटबाजी का साया पड़ने के आसार हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह गुट के विधायकों का धरने में शामिल होना मुश्किल है। पर बाजवा गुट धरनों को सफल बनाने में जुटा है। बाजवा ने भाजपा प्रधान अमित शाह की ओर से अमृतसर से शुरू की जाने वाली नशा विरोधी मुहिम को सियासत से प्रेरित बताया है।