चंडीगढ़। सरकारी कॉलेजों में सहायक प्रोफेसरों की नई तैनाती के लिए जारी किए गए वेतन आदेश का विरोध पीयू में भी दिखा। पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) के पदाधिकारियों ने विरोध जताते हुए दो से तीन घंटे धरना दिया। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षकों को नुकसान होगा। यह वेतन आदेश वापस लिया जाना चाहिए।
पदाधिकारियों ने कहा है कि अब तक सहायक प्रोफेसरों की तैनाती के लिए वेतन उन्हें यूजीसी के दिशानिर्देश के मुताबिक मिलता था, लेकिन अभी पंजाब सरकार ने वेतन के जो नए आदेश जारी किए हैं, उससे शिक्षकों को बड़ा नुकसान होगा क्योंकि पंजाब सरकार ने लगभग 56 हजार वेतन तय किया है। कुल मिलने वाला ग्रेड घटाया गया है। इससे शिक्षकों को आर्थिक नुकसान होगा। साथ ही उनको पिछली सेवाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा, क्योंकि पहले के सहायक प्रोफेसरों का ग्रेड अधिक है और वर्तमान में जारी आदेश के मुताबिक वेतन ग्रेड कम है। ऐसे में पिछली सेवा का लाभ नहीं मिल पाएगा। सातवें वेतनमान का लाभ भी पूरा नहीं मिल पाएगा।
पदोन्नति से लेकर कई अन्य नुकसान भी शिक्षकों को झेलने होंगे। इससे बचने के लिए शिक्षकों को यूजीसी के मुताबिक वेतन ग्रेड दिया जाए ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान न हो पाए। यह भी कहा कि वेतन आदेश वापस नहीं लिया गया तो प्रदर्शन तेज किया जाएगा।