पंचकूला। सेक्टर-5 स्थित धरना स्थल पर पिछले काफी समय से अपनी मांगों को लेकर कोरोना कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा बैठे हुए हैं। वीरवार को एसोसिएशन ने अपनी मांगों को लेकर सीएम हाउस का घेराव करने का निर्णय लिया था लेकिन प्रशासन के आलाअधिकारियों ने एसोसिएशन की मुलाकात सीएम के राजनीतिक सलाहकार भारत भूषण भारती से करवाई। इसके बाद एसोसिएशन ने सीएम हाउस का घेराव करने का निर्णय वापस ले लिया। भारत भूषण भारती को सभी कोरोना कर्मचारियों की परेशानी से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि सरकार पॉलिसी बनाकर किसी प्रोग्राम में शामिल कर रोजगार के लिए स्थायी समाधान करना चाहती है तब तक शांति बनाए रखें। उन्होंने दोबारा से एसोसिएशन के सदस्यों को सोमवार को मिलने के लिए कहा साथ ही जल्द ही सबकी ज्वाइनिंग करवाने का आश्वासन दिया है। एसोसिएशन के राज्य प्रधान संदीप सिंधु ने बताया कि यदि सरकार ने कोरोना कर्मचारियों के साथ धोखा करने का कार्य किया तो आगे सभी 22 जिलों के कोरोना योद्धाओं का रोजगार बचाने के लिए कोरोना कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा सरकार से आर पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होगी। उन्होंने बताया कि वीरवार को रोजगार जाने के कारण रोहतक से एक कोरोना योद्धा ने मानसिक रूप से परेशान होकर सुसाइड कर लिया। इसकी जिम्मेदार हरियाणा सरकार की है। यदि जल्द सबकी ज्वाइनिंग नहीं हुई तो पता नहीं दूसरों की जान बचाने वाले कितने कोरोना योद्धाओं को सुसाइड करना होगा। आंदोलन धरना स्थल हैफेड के पीछे सेक्टर-5 पंचकूला में 1 जुलाई 2022 से लगातार 280 दिन में प्रवेश कर गया है रोजाना भारी संख्या में कर्मचारी धरने पर आते हैं और अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
-एसोसिएशन की मुख्य मांगें
1. जिन कर्मचारियों की बहाली नहीं हुई है उनको बहाल करवाया जाए ।
2. सभी कर्मचारियों को एनएचएम में शामिल किया जाए और हरियाणा सरकार द्वारा हर बार 3 महीने की एक्सटेंशन की जा रही है एसोसिएशन की मांग है कि 1 साल का एक्सटेंशन लेटर बनाकर एनएचएम में शामिल किया जाए।
3. सुसाइड करने वाले कोरोना योद्धा के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार में एक सरकारी नौकरी दी जाए।
4. सभी कर्मचारियों के लिए जॉब सुरक्षा गारंटी कानून बनाया जाए।
5. समान काम समान वेतन दिया जाए।
6. पक्के कर्मचारियों की तरह सभी छुट्टियां और मेडिकल की सुविधा दी जाए।