पंचकूला। शहर की सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन ने हरियाणा और पंजाब हाईकोर्ट में शहर के अतिक्रमण के खिलाफ याचिका दायर की है। एसोसिएशन की तरफ से यह याचिका एडवोकेट रंजीत सिंह कालरा, रणदीप एस चौहान और दक्षिता देशवाल ने 17 फरवरी 2023 को दायर की है। याचिका में कहा गया है कि एचएसवीपी और नगर निगम की ओर से उनके क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। शहर में कई जगह पर लोगों ने गैरकानूनी तरीके से अपने घरों के आस-पास एचएसवीपी या नगर निगम की जमीन पर अतिक्रमण किया हुआ है। याचिका में यह भी कहा गया है कि अतिक्रमण के कारण शहर की सड़कों से गुजरने में वाहन चालकों, स्कूलों बस, एंबुलेंस या फायर-ब्रिगेड जैसी जरूरी सेवाएं भी बाधित हो रही हैं। रास्ता कम हो जाने के कारण हादसा होने का डर बना रहता है। अतिक्रमण के कारण सेक्टर की बी और सी सड़कों पर क्षमता से अधिक यातायात भार बढ़ गया है। इससे रोजमर्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पांच साल पहले हुए हादसे का भी किया जिक्र
याचिका में यह भी बताया गया है कि करीब 5 साल पहले सेक्टर-10 में गैस सिलिंडर फटा था। समय पर एंबुलेंस और फायर बिग्रेड की सुविधा लोगों को नहीं मिल पाई। उस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी। इसके बावजूद भी हरियाणा सरकार द्वारा इन अतिक्रमण को हटाने के लिए सन 1998 के बाद से आज तक कोई भी पब्लिक-नोटिस नहीं दिया गया। वहीं स्थानीय नागरिक गैर कानूनी तरीके से अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर अतिक्रमण करते आ रहे हैं।
26 अप्रैल को होगी सुनवाई
इस याचिका पर अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होनी है। एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके नैय्यर ने बताया कि सुनवाई के दिन एचएसवीपी और नगर निगम अधिकारियों को अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में पक्ष रखना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के सात सरोकारों में एक होने के बावजूद शहर से अतिक्रमण को हटाने के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है।