चंडीगढ़। शहर में टैक्सी-कैब सेवा दे रहीं एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ टैक्सी यूनियन व कैब चालकों ने रविवार को रेलवे स्टेशन पर बायकॉट अभियान चलाया। यूनियन के सदस्य रेलवे स्टेशन के प्रवेश और निकासी पॉइंट पर खड़े हो गए और अंदर जाने और बाहर आने वाली करीब 200 टैक्सियों को रोका और चालकों को कंपनियों के रेट पर नहीं बल्कि सरकारी रेट पर टैक्सी चलाने के लिए कहा। इस दौरान कई चालकों और सवारियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।
ट्राइसिटी कैब चालक यूनियन के प्रधान अमनदीप सिंह ने बताया कि यूनियन के सदस्य सुबह करीब 10.30 बजे रेलवे स्टेशन पहुंच गए और शाम करीब साढ़े 5 बजे तक वहीं खड़े रहे। कहा कि जो भी ड्राइवर कंपनी के एप से बुकिंग लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचा या स्टेशन पर बुकिंग ली, उसे समझाया गया। अमनदीप ने बताया कि कंपनी की तरफ से 40-50 रुपये की भी राइड दी जा रही है। हैरानी की बात है कि कैब की सवारी ऑटो से भी सस्ती हो गई है इसलिए अब यूनियन ने फैसला लिया है कि इन कंपनियों का बायकॉट किया जाएगा और सरकारी रेट से भी कम 25 रुपये प्रति किमी (एसी) और 20 रुपये प्रति किमी (नॉन-एसी) रेट पर ही गाड़ी चलाएंगे। साथ ही पहले चार किमी के लिए फ्लैट रेट 100 रुपये होगा। उसके बाद प्रति किमी के अनुसार रेट लगाया जाएगा। कैब चालकों ने कहा कि उन्होंने सेक्टर 25 के रैली ग्राउंड में भूख हड़ताल करके भी देख लिया लेकिन प्रशासन की तरफ से उनकी सुनवाई नहीं की जा रही।
आईएसबीटी-17 व 43 समेत सभी बड़े स्थलों पर यह चलाया जाएगा अभियान
अमनदीप सिंह ने कहा कि शहर में धड़ल्ले से निजी नंबरों पर टैक्सियां चल रही हैं लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही। एग्रीगेटर कंपनियां कैब चालकों से भारी कमीशन वसूल रहीं हैं। इसकी वजह से कैब चालकों के पास काफी कम पैसा बच रहा है। वह बहुत मुश्किल से अपने घर का खर्च चला पा रहे हैं। आमदनी इतनी कम रह गई है कि गाड़ी की इंश्योरेंस का पैसा भी नहीं निकल रहा। अब प्रशासन ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं इसलिए कैब चालकों ने खुद ही जमीन पर उतरकर अपने हक के लिए आवाज उठानी पड़ रही है। इसी कड़ी में पहले एलांते मॉल के पास कई दिन तक कैब चालकों को जागरूक किया गया। आज रेलवे स्टेशन पर चालकों को जागरूक किया है। आने वाले दिनों में आईएसबीटी-17 व 43 समेत सभी बड़े स्थलों पर यह अभियान चलाया जाएगा।