चंडीगढ़ में बिजली विभाग के निजीकरण का विरोध करते लोग।
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चंडीगढ़ में बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में बुधवार को कर्मचारियों ने बिजली कार्यालय के सामने धरना दिया। धरने के बाद कर्मचारी राजभवन की तरफ बढ़े। जिस पर पुलिस ने कर्मचारियों को बैरिकेड लगाकर रोका। रोके जाने पर प्रदर्शनकारी बैरिकेड के पास ही नारेबाजी करने लगे। कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
धरने व रोष मार्च में चंडीगढ़ के अलग अलग विभागों के कर्मचारी, शहर के सेक्टरों की वेलफेयर एसोसिएशन, पेंडू संघर्ष कमेटी और केंद्रीय ट्रेड यूनियन भी शामिल हुईं। सभी ने बिजली विभाग के निजीकरण का जोरदार विरोध किया।
यूटी पावरमैन यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने कहा कि 20 अप्रैल को पूर्ण हड़ताल होगी। नेताओं ने बिजली विभाग का निजीकरण करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन और केंद्र सरकार की कड़ी निंदा की। साथ ही शहर के लोगों से प्रशासन की नीति का कड़ा विरोध करने की अपील की। उन्होने सभी कर्मचारियों से इन संघर्षो में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।