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सीनेट खत्म करने का प्रस्ताव गृह मंत्रालय पहुंचा

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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट खत्म हो जाएगी और इसकी जगह बोर्ड ऑफ गवर्नेंस लेगी। गृह मंत्रालय के पास यह प्रस्ताव पहुंच गया है। इस पर नवंबर में ही मुहर लग जाएगी। गृह मंत्रालय ही बोर्ड ऑफ गवर्नेंस की अधिसूचना जारी करेगा। उसी के मुताबिक चांसलर कार्यालय से सदस्यों का मनोनयन होगा। चुनाव की संभावनाएं इस बोर्ड में नहीं होंगी। चांसलर कार्यालय जिसे उपयुक्त समझेगा, उसे ही सदस्य मनोनीत किया जाएगा।
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किसी भी शिक्षण संस्थान की गवर्निंग बॉडी में बदलाव व उसे खत्म करने का अधिकार गृह मंत्रालय के पास है। इस समय राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हो रही है। इसी नीति में बोर्ड ऑफ गवर्नेंस का जिक्र किया गया है इसलिए गृह मंत्रालय इस पर काम कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि नेताओं के जरिये पूरा फीडबैक गृह मंत्रालय के पास एक प्रस्ताव के रूप में पहुंच चुका है। कई महत्वपूर्ण नेताओं ने पीयू सीनेट की हकीकत भी बयां की है। इसी को देखते हुए कभी भी सीनेट खत्म हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्रालय नवंबर में ही अधिसूचना जारी करेगा। उसके बाद पीयू का संचालन बोर्ड के जरिये ही होगा। सिंडिकेट का भी वजूद खत्म हो जाएगा। जानकार कहते हैं कि 90 फीसदी संभावनाएं बोर्ड बनने की हो गई हैं। दस फीसदी संभावना यह भी है कि गृह मंत्रालय सीनेट में ही सुधार की बात कहे और नोटिफिकेशन जारी कर दे।
बोर्ड के अध्यक्ष होंगे वाइस चांसलर
यदि बोर्ड ऑफ गवर्नेंस बनेगा तो उसके अध्यक्ष वाइस चांसलर होंगे। सचिव के रूप में रजिस्ट्रार होंगे। बाकी सदस्यों के रूप में पीयू के शिक्षकों को बड़ी संख्या में जगह मिलेगी। यह शिक्षक वही होंगे जिनके नामों की संस्तुति वीसी भेजेंगे। इसके अलावा पांच अधिकारी चंडीगढ़ प्रशासन से होंगे। हाईकोर्ट के न्यायाधीश भी इसमें पदेन सदस्य के रूप में होंगे। पंजाब के शिक्षा मंत्री व शिक्षा अधिकारियों को भी जगह दिए जाने की योजना है। चार से पांच राज्यों के शिक्षाविदों को भी बोर्ड में जगह मिलेगी। यह शिक्षा समुदाय से ही आएंगे। क्षेत्रीय सांसद को भी बोर्ड में सदस्य के रूप में नामित किया जाएगा। शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाले पुटा के सदस्यों को तभी शामिल किया जा सकता है जब पीयू इसका प्रस्ताव भेजेगी। जानकारों का कहना है कि अभी तक यही प्रस्ताव तैयार हो रहा है। बाकी कुछ नए सदस्य भी जोड़े जा सकते हैं या कुछ कम भी किए जा सकते हैं।
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