नगर निगम चंडीगढ़ में लंबे समय से प्रॉपर्टी टैक्स के दस्तावेज गुम होने के मामले में यूटी प्रशासन ने विजिलेंस जांच कराने का फैसला लिया है। इस पूरे मामले पर हैरत जताते हुए एडवाइजर मनोज परिदा ने विजिलेंस इंक्वायरी मार्क की है।
विजिलेंस जांच की खबर लगते ही निगम के अफसरों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। सबसे ज्यादा बेचैन वह लोग हैं जो दस्तावेज गुम होने के मामले में संलिप्त हैं। बीते कुछ दिनों से शहर में रेजिडेंशियल व कामर्शियल प्रॉपर्टी मालिकों को प्रॉपर्टी टैक्स की नोटिस भेजकर निगम के कर्मचारी अवैध वसूली में जुटे हैं।
प्रॉपर्टी टैक्स जमा होने के बाद भी लोगों को नगर निगम ने बीते वित्तीय वर्षों के प्रॉपर्टी टैक्स की बकाया रकम की नोटिस भेज दी, जिसे देखकर खुद प्रॉपर्टी मालिक भी परेशान हो गए। लोगों ने निगम के दफ्तर कई बार जाकर इसकी जानकार दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। शहर के लोगों व कई सामाजिक संगठनों सहित एसोसिएशन का दावा है कि निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स का सारा रिकार्ड गुम कर दिया है।
अब मनमाने तरीके से लोगों से बकाया रकम की वसूली की जा रही है। इसको लेकर लोगों ने एडवाइजर मनोज परिदा को शिकायत दी थी। एडवाइजर को सैकड़ों की संख्या में ऐसे केस दिए गए थे, जिसमें निगम ने जिसमें पिछले सालों की बकाया राशि मांगी जा रही है। इसके बाद एडवाइजर मनोज परिदा ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए विजिलेंस से जांच कराने के निर्देश दिए हैं।