यूटी प्रशासन के संपदा विभाग ने शहर में विभिन्न इमारतों में मिसयूज पाए जाने पर सख्ती बरतने का फैसला लिया है। संपदा विभाग की ओर से अब मिसयूज के बार-बार नोटिस नहीं दिए जाएंगे।
एक नोटिस भेजने के बाद भी अगर मिसयूज दूर नहीं किया जाता है तो उसे सीधा सील कर दिया जाएगा। संपदा विभाग ने यह कदम वित्त विभाग की ओर से जारी उस निर्देश के तहत उठाया है जिसमें स्पष्ट किया गया है कि 2007 से पहले की अलॉटमेंट पर मिसयूज पाए जाने पर पेनल्टी न लगाई जाए।
ध्यान रहे कि वित्त विभाग ने कानून विभाग से मिली राय के बाद ही संपदा विभाग को आदेश दिए हैं जिसमें स्पष्ट है कि 2007 से पहले अलॉट हुई इमारतों में 500 रुपये वर्ग फुट के हिसाब से जुर्माना न लगाया जाए।