चंडीगढ़। कोरोना संक्रमण दर 0.15 पर पहुंच चुकी है। शहर के अस्पतालों की ओपीडी पूर्व की तरह संचालित हो रही है लेकिन संक्रमण को लेकर कुछ अस्पताल अब भी सजग हैं। जीएमसीएच 32 अस्पताल प्रशासन ओपीडी में आने वाले मरीजों की आरटीपीसीआर जांच करवा रहा है। हालांकि ओपीडी में काफी संख्या में गैर कोविड मरीज आने लगे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कोरोना के चौथी लहर का खतरा भी बरकरार है, इसलिए एहतियात के तौर पर कुछ विभागों की ओपीडी में आरटीपीसीआर कराई जा रही है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर गर्ग ने बताया कि जिन विभागों में संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है, उन ओपीडी में आने वाले मरीजों की आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। इसमें सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग और मेडिसिन विभाग शामिल हैं। डॉ. सुधीर ने बताया कि जांच को पूरी तरह से बंद नहीं किया जा सकता है क्योंकि ऐसा करने पर संक्रमण की वास्तविक स्थिति का आकलन संभव नहीं होगा। अगर संक्रमण फैला तो अचानक अस्पताल में सभी चपेट में आ जाएंगे, इसलिए अलग-अलग विभागों में सर्विलांस के लिए जांच जारी रखा गया है।
मरीजों का इलाज नहीं किया जा रहा बाधित
डॉ. सुधीर ने बताया कि जिन विभागों की ओपीडी में आरटीपीसीआर जांच चल रही है, वहां मरीजों का इलाज बाधित नहीं हो रहा। नमूना लेने के बाद मरीजों को उसी दिन परामर्श दिया जा रहा है। उन मरीजों में से किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे सूचित कर दिया जाता है और ओपीडी में सैनिटाइजेशन कराया जाता है।