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पर्यटन को बढ़ावा: सुखना लेक की तर्ज पर पंजाब के सभी बांधों व बैराजों में बोटिंग शुरू करेगी पंजाब सरकार

Mon, 14 Oct 2024 02:13 PM IST
निवेदिता वर्मा राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पहले चरण में जिन बांधों व बैराजों को इस परियोजना के लिए चुना गया है, उनमें होशियारपुर का सलेरान व थाना बांध शामिल है। होशियारपुर में ही शाह नहर हेड वर्क्स तलवाड़ा को भी इस परियोजना के लिए चुना गया है।
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सुखना लेक में बोटिंग - फोटो : अमर उजाला/फाइल
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विस्तार
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पंजाब सरकार ने प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सभी बांधों व बैराजों में चंडीगढ़ सुखना लेक की तरह बोटिंग शुरू की जाएगी। सरकार ने पंजाब जल संसाधन प्रबंधन और विकास निगम को इसका काम सौंपा है और विभाग ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काम भी शुरू कर दिया है।
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रोपड़ हेड वर्क्स से इस परियोजना की शुरुआत की जा रही है। विभाग ने इसके लिए इच्छुक एजेंसियों से आवेदन मांगे थे, जिसके लिए अच्छा रिस्पांस मिला है। इसी महीने कंपनी फाइनल करके विभाग की तरफ से यहां बोटिंग गतिविधियां शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

पिछले काफी समय से अलग-अलग जिलों में स्थानीय प्रशासन की तरफ से इस परियोजना पर काम किया जा रहा था, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो रहे थे। यही कारण है कि अब सरकार ने सभी बांधों व बैराज में इस योजना को शुरू करने का फैसला लिया है। साथ ही इसका काम भी जल संसाधन विभाग को सौंप दिया है। इसकी एक फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी तैयार की गई है, जिसके बाद ही रोपड़, होशियारपुर, फतेहगढ़ साहिब, अमृतसर व पटियाला को इसके लिए चुना गया है। इन शहरों में जितने बांध व बैराज आते हैं, उनमें बोटिंग गतिविधियां शुरू करने का फैसला लिया गया है।
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हालांकि फिजिबिलिटी रिपोर्ट के बाद ही पहले चरण में जिन बांधों व बैराजों को इस परियोजना के लिए चुना गया है, उनमें होशियारपुर का सलेरान व थाना बांध शामिल है। होशियारपुर में ही शाह नहर हेड वर्क्स तलवाड़ा को भी इस परियोजना के लिए चुना गया है। इसी तरह अमृतसर ब्यास नहर के साथ ही फतेहगढ़ साहिब में भी बोटिंग गतिविधियां शुरू की जाएंगी।

बोटिंग के साथ ही वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। इसे लेकर विभाग की एक बैठक भी हुई थी, जिसमें चर्चा हुई थी कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों से प्रदेश के लोग चंडीगढ़ सुखना लेक घूमने के लिए आते हैं, जबकि इन जिलों में बोटिंग के साथ ही पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं, जिन पर काम करने की जरूरत है।

ईको हट्स बनाई जा रही व रेस्ट हाउस किए जा रहे स्थापित  

इसके अलावा इन एरिया में सरकार की तरफ से ईको हट्स बनाई जा रही हैं। साथ ही ट्रेकिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। पुराने रेस्ट हाउस पुनर्जीवित किए जा रहे हैं। होशियारपुर में सलेरान बांध के पास ईको हट्स बनाई जा रही हैं। इसी तरह थाना बांध के पास कैफेटेरिया भी बनाया जा रहा है। इसके अलावा दोराहा में मानपुर हेड वर्क्स के पास ओपन ग्रीन एरिया भी विकसित किया जा रहा है। यहां लाइट्स लगाई जा रही हैं। इसे एक पिकनिक एरिया के तौर पर बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि आसपास के लोग भी यहां घूमने के लिए दिलचस्पी दिखाएं। इससे पहले राज्य में सिसवां बांध व बठिंडा समेत अन्य जगहों पर बोटिंग की सुविधा है। हाल ही में राज्य सरकार ने पठानकोट में बोटिंग के साथ ही स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू की थीं।

विभाग राज्यों के बांधों और बैराजों में बोटिंग को बढ़ावा दे रहा है। रोपड़ हेड वर्क्स से इसकी शुरुआत की जा रही है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी बोटिंग गतिविधियां शुरू की जा रही हैं, जिसके लिए कंपनी फाइनल करने जा रहे हैं। इससे पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी। - कृष्ण कुमार, प्रमुख सचिव, जल संसाधन विभाग
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