हरियाणा सरकार ने बुधवार को 1985 बैच के आईपीएस अफसरों को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पद पर प्रमोट कर दिया। इसके साथ ही हरियाणा में डीजीपी रैंक के 18 अफसर हो गए हैं। मुख्य सचिव रैंक में कुल 29 अफसर हो गए हैं। इनमें से 10 अफसर केंद्र में प्रति नियुक्ति पर हैं।
मुख्य सचिव एससी चौधरी, पुलिस महानिदेशक एसएन वशिष्ठ और अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह हरदीप कुमार और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. केके खंडेलवाल की विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक बुधवार को हुई। कमेटी ने 1985 बैच के अफसरों डॉ. केपी सिंह, एके ढुल, के. सेल्वराज, शील मधुर और डॉ. आरपी सिंह को डीजीपी पद पर प्रमोट करने के उपयुक्त पाया।
कमेटी की रिपोर्ट के बाद गृह विभाग ने पांचों अफसरों को प्रमोट करने के लिए प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास भेज दिया। मुख्यमंत्री ने बुधवार को ही प्रस्ताव को मंजूरी दे दी और विभाग ने डीजीपी पद पर प्रमोट करने का आदेश जारी कर दिया। पांचों अफसर मौजूदा तैनाती पर कार्य करते रहेंगे।
सीएस रैंक के 29 अफसर
हरियाणा में भी 1985 बैच तक के आईएएस अफसरों को मुख्य सचिव रैंक में प्रमोट कर रखा है। इनमें एससी चौधरी मुख्य सचिव हैं और अन्य अतिरिक्त मुख्य सचिव पद पर तैनात हैं। मुख्य सचिव के अलावा 28 अफसर मुख्य सचिव रैंक में हैं जिनमें से 18 मुख्यालय पर तैनात हैं और 10 केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं।
सूचना आयुक्त के लिए दो कमेटियां बनाई
सरकार ने हरियाणा राज्य सूचना आयोग में तीन राज्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की सिफारिश करने के लिए सर्च कमेटी और स्टेचुरी कमेटी गठित की हैं। सर्च कमेटी 11 मई 2012 को अधिसूचित हुई थी, वही इस समय भी रहेगी। सर्च कमेटी के अध्यक्ष मुख्य सचिव एससी चौधरी, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. डीडीएस संधू और अतिरिक्त मुख्य सचिव सरबन सिंह सदस्य हैं।
स्टेचुरी कमेटी के अध्यक्ष मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और विपक्ष के नेता ओमप्रकाश चौटाला, शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल सदस्य हैं। सर्च कमेटी सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की सिफारिश करने के लिए स्टेचुरी कमेटी की सहायता करेगी।