हरियाणा सरकार ने आईपीएस अफसरों की पोस्टिंग में नई मिसाल कायम कर दी है। चार मार्च को किए तबादलों और पदोन्नति में एक अधिकारी सौरभ सिंह को डीआईजी पदोन्नत तो किया लेकिन पोस्टिंग सिरसा जिले में एसपी के पद पर कर दी है।
राज्य में किसी सुपरटाइम स्केल के अधिकारी को एसपी लगाए जाने का यह पहला मामला है। हालांकि सरकार ने फरीदाबाद और गुड़गांव में पहले ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर पद पर एसपी स्तर के अधिकारियों को लगा दिया था।
लेकिन बाद में उक्त अधिकारियों की पदोन्नत कर डीआईजी के स्केल में लिया गया। इस बार मामला उलट है और सरकार के रवैये से नाराज एक डीजीपी स्तर के एक अधिकारी ने तेलंगाना डेपुटेशन पर जाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
होमगार्ड से होमगार्ड तक डबास का सफर, बने डीजीपी
पदोन्नति और पोस्टिंग के उक्त उलटफेर के बीच राज्य में पहली बार ओएसडी होमगार्ड का पद भी बनाया गया है। लायक राम डबास को डीजीपी पदोन्नत करते ओएसडी होमगार्ड लगाया गया है।
2005 में केंद्र से अपने मूल काडर में लौटे डबास पहले तो पोस्टिंग के लिए इंतजार करते रहे। सरकार ने उन्हें आर्म्ड पुलिस में लगाया लेकिन छह महीने में ही बदलकर आईजी होमगार्ड बना दिया।
इसके बाद डबास डेपुटेशन पर केंद्र में चले गए, जहां से 2006 में लौटने पर उन्हें आईजी जेल का चार्ज दिया गया। इसी दौरान उनके खिलाफ विजिलेंस जांच भी शुरू हुई और 2007 में डबास को आईजी बिजली बोर्ड लगा दिया गया।
कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा बिजली चोरी के मामले पकड़े जाने पर 2007 में ही उन्हें बिजली बोर्ड से हटाकर ओएसडी पुलिस तैनात कर दिया गया। वहां भी दो सप्ताह ही बीते थे कि उन्हें स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो का निदेशक लगाया गया।
इस दौरान जेबीटी शिक्षकों के फिंगर प्रिंट का मामला सामने आने पर डबास को एडीजीपी रिफार्म नियुक्त कर दिया गया। रिफार्म में रहते हुए उन्होंने सिपाहियों के वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा, जिसके बाद उन्हे होम गार्ड में नियुक्त कर दिया गया।
अब होम गार्ड में ही डीजीपी पदोन्नत कर डबास को ओएसडी होम गार्ड नियुक्त किया गया है। इस पर सरकार का तर्क है कि जो अधिकारी जहां पोस्टिड है, उसे वहीं पदोन्नत कर दिया गया है।
सौरभ सिंह की सिरसा में एसपी के तौर पर नियुक्ति इसलिए की गई है कि उन्हें सिरसा का अनुभव है। चुनाव निकट हैं, ऐसे में सिरसा को बेहतर ढंग से संभाल सकते हैं।
पीके गुप्ता, होम सेक्रेटरी, हरियाणा