चंडीगढ़। सेक्टर-17 स्थित परेड ग्राउंड में चार दिवसीय इन्स-आउट एग्जीबिशन के तीसरे दिन रविवार को पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से आरईटीएस कॉन्क्लेव में बतौर मुख्य अतिथि पंजाब के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत, रोजगार सृजन एवं प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना समय की मांग है और उद्योगपतियों को स्टार्टअप को बढ़ावा देना चाहिए, सोलर एनर्जी के क्षेत्र में पंजाब देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। इस क्षेत्र में नए स्टार्टअप को आगे आना चाहिए, उन्हें बढ़ावा देने के लिए पंजाब सरकार हर संभव सहायता करने के लिए तैयार है। अमन अरोड़ा ने उद्योगपतियों को इस क्षेत्र में पूंजी निवेश का आह्वान करते हुए कहा कि नए स्टार्टअप की मदद के लिए पंजाब सरकार अपनी पॉलिसी में बदलाव करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में बिजली उत्पादन के साधन सीमित होते जा रहे हैं और सौर ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। इसके संरक्षण और सही इस्तेमाल के लिए प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के प्रयासों से पंजाब में पराली जलाने के मामलों में जहां 50% की कमी आई है। पीएचडीसीसीआई पंजाब चेप्टर के चेयर आरएस सचदेवा ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सोलर ऊर्जा के क्षेत्र के लगातार बढ़ रही मांग और नई तकनीक के बारे में लोगों को अवगत करवाना है। पीएचडीसीसीआई के सीईओ डॉ. रणजीत मेहता ने कहा कि ग्रीन ट्रांसमिशन के क्षेत्र में भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट ऊर्जा हासिल करना है। यह लक्ष्य पूरा करने के लिए अगले चार साल में सालाना 30 गीगावाट जोड़ने की जरूरत है। पेडा के सीईओ (आईएएस) संदीप हंस ने कहा कि ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में नए आइडिया के साथ आने वाले स्टार्टअप को पेडा की ओर से हर संभव सहयोग किया जा रहा है।