Tarun Sagar ji or Kaptan Singh Solanki
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समाज की धारणा कानून के डर से नहीं ऋषि-मुनियों से मिले संस्कारों से अच्छी बनती है। लोग अच्छे होंगे तो सरकारें भी अच्छी बनती हैं क्योंकि सरकार में लोगों का ही डीएनए विद्यमान होता है। अच्छे लोग पैसे का भी सदुपयोग करते हैं और उनका व्यक्तित्व भी अच्छा व प्रभावशाली होता है। लेकिन यह सब गुरुओं के सानिध्य में ही होता है।
इसलिए सबको गुरुजनों की शरण में आकर उनके उपदेशों पर अमल करना चाहिए। यह बात मंगलवार को हरियाणा और पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने सेक्टर- 27 में दिगंबर जैन मंदिर परिसर में मुनिश्री तरुण सागर के चातुर्मास के दौरान उनके दर्शन करने के बाद संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर उन्होंने मुनिश्री के प्रवचनों के संकलन ‘कड़वे प्रवचन’ के एक्सपोर्ट संस्करण का विमोचन किया। उन्होंने औरंगाबाद के दंपति जितेंद्र गंगवाल और अभिलाषा गंगवाल को गुरु सेवा अवार्ड से और गुरु परिवार, दिल्ली को सर्वश्रेष्ठ इकाई अवार्ड से सम्मानित भी किया। प्रोफेसर सोलंकी ने कहा कि मुनिश्री तरुण सागर के कड़वे प्रवचन किसी धर्म विशेष के लिए नहीं, बल्कि पूरे मानव समुदाय के लिए हैं। उनके कड़वे प्रवचन राजनेताओं के लिए तो अमूल्य दवाई हैं जो इनका अनुसरण कर पूरे समाज का हित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जो समाज का कल्याण करते हैं वे देवता होते हैं और इसके विपरीत करने वाले दानव होते हैं। मानव को यदि दानव न बनकर देवता बनना है तो गुरुजनों के प्रवचनों को अनुसरण करना होगा। इससे पहले राज्यपाल ने धर्म ध्वजारोहण किया और मुनिश्री तरुण सागर को श्रीफल भेंट किया।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने मुनिश्री का आशीर्वाद लेते हुए कहा कि मुनिश्री के आने से चंडीगढ़ की भूमि स्वर्ग बन गई। इस मौके पर हरियाणा की शहरी निकाय एवं महिला बाल विकास मंत्री कविता जैन ने मुनिश्री का आशीर्वाद लिया।