चंडीगढ़। पीजीआई के पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजिस्ट प्रो. जितेंद्र कुमार साहू को वीरवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चिकित्सा क्षेत्र में राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार : विज्ञान युवा शांति स्वरूप भटनागर से सम्मानित किया। प्रो. साहू ने पुरस्कार मिलने का श्रेय अपने परिवार को दिया जो समारोह में उनके साथ थे। उन्होने बताया कि समारोह के बाद पहला फोन उन्होंने पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल को किया और संस्थान में मानवता की सेवा करने के लिए मिले अवसर के लिए आभार व्यक्त किया।
2011 से पीजीआई के एडवांस्ड पीडियाट्रिक्स सेंटर के पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी सेंटर में कार्यरत प्रो. जितेंद्र बच्चों को होने वाली विभिन्न तरह की मिरगी के उपचार में किए काम के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हासिल की है। चाइल्डहुड एपिलेप्सी और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर पर उनके 175 से अधिक पेपर प्रकाशित हैं। उन्होंने ड्रावे सिंड्रोम, जिसमें शिशु को तेज बुखार के साथ मिरगी के दौरे पड़ते हैं, उसके लिए पीजीआई में इन हाउस जेनेटिक टेस्टिंग शुरू की और उसके आधार पर प्रिसाइज मेडिसिन दी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित पेपर में प्रो. साहू ने यह साबित कर दिखाया कि बच्चों को लगने वाली डीपीटी वैक्सीन मिरगी के दौरे का कारण नहीं है बल्कि जेनेटिक असमानता उसकी वजह है। इसके अलावा इन्फेंटाइल स्पाज्म का पता लगने में होने वाली देरी और उसमें हॉर्मोनल थेरेपी को लेकर नौ देशों के डॉक्टरों के साथ मिलकर प्रो. साहू ने काम किया। प्रो. साहू और उनकी टीम ने दक्षिण एशियाई देशों के लिए एपिलेप्सी के सही इलाज और ऑप्टिमम डोसेज को लेकर अंतरराष्ट्रीय सिफारिशें दी हैं।
अपनी सफलता के पीछे प्रो. साहू ने अपनी पत्नि डॉ. किरन प्रकाश और बेटी अक्षिता प्रकाश को श्रेय दिया जिन्होंने हमेशा उनका साथ दिया। डॉ. किरन जीएमसीएच-32 में फिजियोलॉजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर और बेटी अक्षिता नौवीं में पढ़ रही है। प्रो. साहू ने बताया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके काम को सराहा जा चुका है लेकिन देश में इसे लेकर मान्यता मिलने पर अच्छा लग रहा है। 1997 में प्रो. साहू ने मध्य प्रदेश में प्रीमेडिकल एंट्रेंस एग्जामिनेशन टेस्ट में टॉप किया। पंडित जेएनएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर एम्स दिल्ली से एमडी पीडियाट्रिक और डीएम पीडियाट्रिक्स न्यूरोलॉजी की। प्रो. साहू जॉन स्टोबो प्रिचर्ड, शीला वेलेस, ब्रूस एस शोनबर्ग इंटरनेशनल न्यूरोएपिडमोलॉजी और बर्नाड डीसूजा आदि पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं।