चंडीगढ़ में पिछले करीब तीन साल से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के निजी प्रशिक्षण केंद्र बंद पड़े हैं। छात्र केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं। तीन साल से नया टारगेट/कोटा नहीं आने की वजह से प्रशिक्षण केंद्रों के संचालक भी परेशान हैं। वह केंद्रों को हमेशा के लिए ही बंद करने की तैयारी में हैं।
पीएमकेवीवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से प्रमुख है। इस योजना के तहत देशभर में लाखों छात्रों को ट्रेनिंग दी गई, जिसमें से कई को नौकरी मिली। वर्ष 2017-18 से 2021-22 के दौरान चंडीगढ़ में भी 21,355 युवाओं को ट्रेनिंग दी गई है। इसमें से कई आईटी की बड़ी कंपनियों में डाटा एंट्री ऑपरेटर, कॉल सेंटर समेत कई तरह के काम कर रहे हैं।
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पीएमकेवीवाई के कोर्स से कॉलोनियों के बच्चों को काफी फायदा मिलता था। जो बच्चे अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते हैं। वह इन केंद्रों में कंप्यूटर आदि का मुफ्त में प्रशिक्षण लेते हैं और इंस्टीट्यूट ही उनका किसी न किसी कंपनी में प्लेसमेंट करा देता था। इसके वह अपना जीवन यापन करने के साथ ही परिवार का खर्च भी उठा पाते थे लेकिन कोरोना के बाद से यह प्रशिक्षण केंद्र बंद पड़े हैं।
स्किल डेवलपमेंट मिशन के अधिकारियों का कहना है कि मंत्रालय से ही स्कीम रिन्यू नहीं हुई है इसलिए निजी सेंटरों में कोर्स शुरू नहीं हो पाए हैं। नाम न छापने की शर्त पर मिशन के अधिकारी ने बताया कि चंडीगढ़ में जितने भी निजी केंद्र चलते हैं, उसके लिए केंद्र सरकार से ग्रांट आती है। स्कीम अनुसार ग्रांट जारी होती है। उसी के अनुसार केंद्रों को कोटा भी दिया जाता है, लेकिन अभी मंत्रालय से स्कीम रिन्यू नहीं हुई है इसलिए सभी केंद्र बंद हैं।
कंप्यूटर हो रहे खराब, चढ़ गया लाखों का कर्ज
मनीमाजरा में पीएमकेवीवाई का केंद्र चलाने वाले साईं इंस्टीट्यूट के मालिक पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने तीन साल में करीब 1200 युवाओं को इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण दिया है, जिसमें से अधिकतर की नौकरी लगी है। सभी बहुत अच्छा कमा रहे हैं, लेकिन कोविड के बाद से नया कोटा नहीं आया। इंस्टीट्यूट बंद पड़ा है। सेंटर में दो थ्योरी क्लास रूम व दो लैब हैं, जिसमें 30-30 से ज्यादा कंप्यूटर है। वे सभी खराब हो रहे हैं। किराया भी काफी है। सेंटर नहीं चलने की वजह से जमा नहीं कर पाए, जिसकी वजह से लाखों का कर्ज चढ़ गया है। बच्चे भी परेशान हो रहे हैं। रोजाना पांच से 10 फोन आते हैं। हमने उनकी लिस्ट बनाई है, ताकि जब भी कोटा आए उन बच्चों को दाखिला दे सकें। पुष्पेंद्र ने मांग की है कि जल्द से जल्द इन केंद्रों को शुरू किया जाए, ताकि बच्चों का भविष्य संवर सके।
समस्या समाधान टीम ने सलाहकार धर्मपाल को लिखा पत्र
पीएमकेवीवाई के बंद पड़े प्रशिक्षण केंद्रों को शुरू करने के लिए शहर की समाजसेवी संस्था समस्या समाधान टीम (एसएसटी) ने प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि हजारों बच्चे कौशल विकास योजना के कोर्स के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशिक्षण केंद्र करीब तीन साल से बंद पड़े हैं। इसकी वजह से कई बच्चे, जो ट्रेनिंग पाकर नौकरी लग सकते थे अब वह नशे व अन्य आपराधिक गतिविधियों की तरफ जा रहे हैं। ऐसे में जल्द प्रशासन को हस्तक्षेप करते हुए इन कोर्सों को शुरू करना चाहिए।
कई दोस्त नौकरी लगे, मुझे भी कोर्स करना है
मेरे कई दोस्त इंस्टीट्यूट में कोर्स करके आईटी पार्क में नौकरी कर रहे हैं। मैं भी यह कोर्स करना चाहता हूं लेकिन पिछले काफी समय से इंस्टीट्यूट बंद है। जब भी फोन करते हैं तो यही जवाब मिलता है कि कुछ दिन बाद पता करना।
- रिषी, छात्र
मैं काफी समय से कोर्स करना चाहती हूं
हम जब भी इंस्टीट्यूट में फोन करते हैं तो उनकी तरफ से कुछ दिन बाद पता करने के लिए कहा जाता है। मैं काफी समय से कोर्स करना चाहती हूं। प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द कोर्स शुरू करना चाहिए।
- मनीषा, निवासी, सुभाष नगर
कोर्स कब शुरू होगा ये जवाब नहीं मिला
मैं डाटा एंट्री ऑपरेटर का कोर्स करना चाहती थी, लेकिन इंस्टीट्यूट के बंद होने की वजह से कोर्स नहीं कर पा रही हूं। कई बार इंस्टीट्यूट भी जाकर आई हूं लेकिन कोर्स कब शुरू होगा ये जवाब नहीं मिला।
- चांदनी शुक्ला, छात्रा
सरकारी संस्थानों में कोर्स चल रहे हैं। निजी केंद्रों में अगर कोर्स बंद पड़े हैं तो कारणों की जानकारी लेने के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी।
- धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक